उमाकांत त्रिपाठी।आंवला भारतीय खान-पान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का लंबे समय से हिस्सा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में भी आंवले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह फल भारतीय घरों की परंपरा का हिस्सा है और हमारे पूर्वज पीढ़ियों से इसके गुणों के बारे में बताते आए हैं।
आंवला देखने में छोटा जरूर है, लेकिन इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। खासतौर पर इसमें Vitamin C, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं। यही वजह है कि इसे अक्सर पोषण से भरपूर फल माना जाता है।
पौराणिक मान्यता में भी आंवले का खास महत्व बताया गया है। एक लोककथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान अमृत की कुछ बूंदें धरती पर गिरी थीं और इन्हीं से आंवले का पेड़ पैदा हुआ। यह एक धार्मिक मान्यता है, लेकिन पोषण के नजरिए से देखें तो आंवला वाकई कई उपयोगी पोषक तत्वों का स्रोत है।
आंवले का पेड़ लंबे समय तक फल दे सकता है। इसके फल में Vitamin C के साथ फाइबर, पॉलीफेनॉल्स, टैनिन्स और अन्य एंटीऑक्सिडेंट कंपाउंड्स पाए जाते हैं।
तो आइए Amla Health Benefits के बारे में आसान सवाल-जवाब में समझते हैं।
आंवला को सुपरफूड क्यों कहा जाता है?
सीनियर डाइटीशियन अमृता मिश्रा के मुताबिक, आंवले में ऐसे कई पोषक तत्व और बायोएक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
- आंवला Vitamin C का अच्छा स्रोत है।
- इसमें फाइबर मौजूद होता है।
- इसमें पॉलीफेनॉल्स और टैनिन्स पाए जाते हैं।
- इसमें कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं।
- एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
इसी पोषण प्रोफाइल की वजह से आंवले को हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाया जाता है।
आंवला में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
आंवले में Vitamin C अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी होते हैं।
इसके अलावा आंवले में पॉलीफेनॉल्स, फ्लेवोनॉयड्स और टैनिन्स जैसे कंपाउंड्स भी पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट के रूप में शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं।
यानी छोटा-सा आंवला कई जरूरी पोषक तत्वों को डाइट में शामिल करने का आसान तरीका हो सकता है।
30 दिन तक रोज एक आंवला खाने से क्या होगा?
अगर कोई व्यक्ति रोज अपनी डाइट में आंवला शामिल करता है, तो इससे मिलने वाले पोषक तत्व शरीर के लिए कई तरह से उपयोगी हो सकते हैं।
1. पाचन के लिए फायदेमंद
आंवले में फाइबर मौजूद होता है। पर्याप्त फाइबर वाली डाइट पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज जैसी समस्या को कम करने में मदद कर सकती है।
2. एंटीऑक्सिडेंट्स मिलते हैं
आंवले में Vitamin C और कई एंटीऑक्सिडेंट कंपाउंड्स पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभाते हैं।
3. इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है
Vitamin C शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इसलिए आंवला Vitamin C को डाइट में शामिल करने का एक विकल्प हो सकता है।
4. त्वचा के लिए उपयोगी
Vitamin C शरीर में कोलेजन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोलेजन त्वचा सहित शरीर के कई ऊतकों के लिए जरूरी प्रोटीन है।
5. हार्ट हेल्थ के लिए उपयोगी हो सकता है
आंवले में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स को स्वस्थ डाइट का हिस्सा माना जाता है। कुछ अध्ययनों में आंवले के सेवन और ब्लड लिपिड्स जैसे कोलेस्ट्रॉल से जुड़े संभावित लाभों पर भी अध्ययन हुआ है। हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
आंवला खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
आंवला खाने का कोई एक परफेक्ट तरीका नहीं है। यह व्यक्ति की पसंद और डाइट पर निर्भर करता है।
- ताजा कच्चा आंवला खाया जा सकता है।
- इसका ताजा जूस लिया जा सकता है।
- आंवले को सलाद में शामिल कर सकते हैं।
- इसकी चटनी बनाई जा सकती है।
- आंवले का अचार भी खाया जाता है।
- आंवला पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- मुरब्बा और कैंडी भी इसके लोकप्रिय रूप हैं।
हालांकि मुरब्बे और कैंडी में अतिरिक्त चीनी हो सकती है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में लेना बेहतर होता है।
कच्चा आंवला ज्यादा फायदेमंद है या आंवला जूस?
दोनों को डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन पोषण की दृष्टि से पूरा आंवला खाने का फायदा यह है कि इससे फाइबर समेत फल के दूसरे पोषक तत्व भी मिलते हैं।
वहीं आंवले का जूस पीना उन लोगों के लिए आसान विकल्प हो सकता है जिन्हें कच्चा आंवला खाना पसंद नहीं है। हालांकि जूस बनाने के तरीके के आधार पर इसमें फाइबर की मात्रा पूरे फल की तुलना में कम हो सकती है।
इसलिए अगर संभव हो तो पूरे फल को अपनी डाइट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है।
एक दिन में कितना आंवला खाना चाहिए?
आंवला पौष्टिक फल है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा मात्रा में खाने से ज्यादा फायदा मिलेगा। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति अपनी डाइट में एक आंवला शामिल कर सकता है। हालांकि मात्रा उम्र, डाइट, स्वास्थ्य स्थिति और व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार अलग हो सकती है।
अगर किसी व्यक्ति को कोई बीमारी है, दवाएं चल रही हैं या आंवला खाने के बाद पेट से जुड़ी परेशानी होती है, तो डाइट में नियमित रूप से शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।














