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किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, मोदी सरकार ने लिए 3 बड़े फैसले, MSP Hike समेत ₹2.79 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान

उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 30 सितंबर 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में करीब 2.79 लाख करोड़ रुपये के तीन बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें किसानों से जुड़ा Rabi MSP Hike सबसे अहम फैसला है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए सभी छह निर्धारित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

सरकार के फैसले के मुताबिक गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड-मस्टर्ड और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी की गई है। इनमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की हुई है, जबकि गेहूं के MSP में सबसे कम 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

6 रबी फसलों का MSP कितना बढ़ा?

मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए नई MSP दरें इस प्रकार हैं:

फसल MSP में बढ़ोतरी नया MSP
गेहूं ₹25/क्विंटल ₹2,610/क्विंटल
जौ ₹136/क्विंटल ₹2,286/क्विंटल
चना ₹83/क्विंटल ₹5,958/क्विंटल
मसूर ₹390/क्विंटल ₹7,390/क्विंटल
सरसों ₹413/क्विंटल ₹6,613/क्विंटल
कुसुम ₹675/क्विंटल ₹7,215/क्विंटल

इन आंकड़ों के अनुसार कुसुम में सबसे ज्यादा और गेहूं में सबसे कम MSP बढ़ाया गया है। कुसुम का MSP 2026-27 के ₹6,540 से बढ़कर 2027-28 में ₹7,215 प्रति क्विंटल हो गया है। वहीं गेहूं का MSP ₹2,585 से बढ़कर ₹2,610 प्रति क्विंटल किया गया है।

किसानों को कितना भुगतान होने का अनुमान?

सरकार के मुताबिक रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के तहत इन फसलों के लिए अनुमानित वित्तीय भुगतान 90,962 करोड़ रुपये होगा। सरकार का कहना है कि MSP में बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के आधार पर गेहूं के MSP में अनुमानित मार्जिन 106% है। इसके बाद सरसों में 96%, मसूर में 92%, चना में 59%, जौ में 58% और कुसुम में 50% का मार्जिन बताया गया है।

PM DHARA को भी कैबिनेट की मंजूरी

कैबिनेट ने रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी PM DHARA पहल को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने और बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

इस परियोजना के लिए 1,86,405 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है। यह तीनों फैसलों में सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान है।

दिल्ली में ITMS के लिए 1,790 करोड़ रुपये

कैबिनेट ने दिल्ली के लिए Intelligent Traffic Management System (ITMS) को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य तकनीक की मदद से राजधानी में ट्रैफिक की निगरानी और प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

इसके तहत ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए आधुनिक तकनीक और रियल-टाइम ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। परियोजना के लिए करीब 1,790 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

तीनों फैसलों पर कुल कितना खर्च होगा?

केंद्र सरकार के मुताबिक इन तीनों प्रस्तावों का कुल वित्तीय मूल्य 2,79,157 करोड़ रुपये है।

  • रबी MSP और मूल्य नीति: ₹90,962 करोड़
  • PM DHARA: ₹1,86,405 करोड़
  • दिल्ली ITMS: करीब ₹1,790 करोड़

इस तरह कैबिनेट के फैसलों में एक तरफ रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी के जरिए कृषि क्षेत्र को समर्थन देने का प्रावधान है, तो दूसरी तरफ रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन और दिल्ली के ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

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