खबर इंडिया की। नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए हैं। नई कीमतें शनिवार सुबह से लागू हो गई हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भोपाल में नायरा एनर्जी का पेट्रोल ₹119.54 प्रति लीटर और डीजल ₹102.64 प्रति लीटर हो गया है। कंपनी की ओर से यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और बढ़ती लागत के बीच रिटेल कीमतों के अंतर को कम करने के लिए किया गया है।
साल की शुरुआत में भी बढ़ाए थे पेट्रोल-डीजल के दाम
नायरा एनर्जी ने इस साल इससे पहले भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। मार्च में ईरान संघर्ष के चलते ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर असर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच कंपनी ने 26 मार्च को पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया था।
इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने पर कंपनी ने 1 जुलाई को पेट्रोल और डीजल के दाम वापस ₹5 और ₹3 प्रति लीटर घटा दिए थे।
अब एक बार फिर कंपनी ने दोनों ईंधनों की कीमतों में बढ़ोतरी की है।
सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल नहीं बदले दाम
नायरा एनर्जी की ओर से कीमतें बढ़ाए जाने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के पेट्रोल पंपों पर कीमतों में इस समय कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो-बीपी ने भी अभी कीमतों में बदलाव नहीं किया है।
इस वजह से अलग-अलग कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है।
ICRA के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना ₹530 करोड़ का नुकसान
रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुमान के मुताबिक, सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहने से सरकारी तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है।
ICRA के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹8 प्रति लीटर और डीजल पर करीब ₹9 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल, डीजल और LPG को मिलाकर इन कंपनियों का रोजाना नुकसान करीब ₹530 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
हालांकि, यह नुकसान और मार्जिन के अनुमान अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों, रिफाइनिंग मार्जिन और घरेलू ईंधन कीमतों में बदलाव के आधार पर बदल सकते हैं।
मई में सरकारी कंपनियों ने बढ़ाए थे दाम
इससे पहले मई में IOC, BPCL और HPCL ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का हवाला देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे।
सरकारी तेल कंपनियों ने अलग-अलग चरणों में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में कुल ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री का बड़ा हिस्सा इन्हीं सरकारी तेल कंपनियों के पास है। देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में से 90% से ज्यादा पेट्रोल पंप IOC, BPCL और HPCL के नेटवर्क से जुड़े हैं।
नायरा एनर्जी की ताजा बढ़ोतरी के बाद अब ग्राहकों के लिए कंपनी के पेट्रोल पंपों पर ईंधन महंगा हो गया है, जबकि सरकारी तेल कंपनियों और जियो-बीपी की कीमतें फिलहाल अपरिवर्तित हैं।














