Alcohol In Winter: सर्दियों का मौसम आते ही कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या शराब पीने से शरीर को गर्म रखा जा सकता है? अक्सर लोग मानते हैं कि ठंड में शराब का एक पैग लेने से हाथ-पैर गर्म हो जाते हैं और ठंड का असर कम महसूस होता है। लेकिन Alcohol In Winter को लेकर यह धारणा सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। शराब पीने के बाद भले ही शरीर में गर्माहट महसूस हो, लेकिन वास्तव में इससे शरीर की गर्मी तेजी से बाहर निकल सकती है और अंदरूनी तापमान कम हो सकता है।

शारदा केयर हेल्थसिटी के इंटरनल मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नीरज कुमार के मुताबिक, शराब पीने के बाद त्वचा के पास मौजूद रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। इससे त्वचा तक अधिक गर्म खून पहुंचता है और व्यक्ति को गर्माहट महसूस होती है। हालांकि, इस प्रक्रिया के कारण शरीर की गर्मी बाहर निकलने लगती है। ऐसे में ठंड से बचने के बजाय शरीर का तापमान गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
1. शराब पीने से शरीर गर्म क्यों महसूस होता है?
शराब पीने के बाद कई लोगों का चेहरा लाल हो जाता है और हाथ-पैर गर्म महसूस होने लगते हैं। इसके पीछे शरीर में होने वाली एक शारीरिक प्रक्रिया है। शराब त्वचा के पास मौजूद रक्त वाहिकाओं को फैलाती है, जिससे गर्म खून शरीर की सतह तक पहुंचता है।

इस वजह से व्यक्ति को लगता है कि उसका शरीर गर्म हो रहा है। लेकिन त्वचा का गर्म महसूस होना और शरीर के अंदरूनी तापमान का बढ़ना दो अलग-अलग बातें हैं।
ठंडे वातावरण में त्वचा तक अधिक गर्म खून पहुंचने से शरीर की गर्मी बाहर निकलने की रफ्तार बढ़ सकती है। नतीजतन, शरीर का अंदरूनी तापमान गिरने लगता है। इसलिए ठंड से बचने के लिए शराब पीना सुरक्षित उपाय नहीं है।
2. शरीर का तापमान गिरने से क्या होता है?
आमतौर पर इंसान के शरीर का सामान्य तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस माना जाता है। जब शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तो हाइपोथर्मिया की स्थिति हो सकती है। यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है।

हाइपोथर्मिया में शरीर जितनी तेजी से गर्मी पैदा करता है, उससे ज्यादा तेजी से गर्मी खोने लगता है। इससे दिल, दिमाग और शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ सकता है।
शराब पीने के बाद व्यक्ति को ठंड कम महसूस हो सकती है। ऐसे में वह ठंडे वातावरण में ज्यादा देर तक रह सकता है या पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने जैसी जरूरी सावधानियां नहीं बरतता। इससे शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक गिरने का जोखिम बढ़ जाता है।
3. शराब के असर से कांपना भी कम हो सकता है
ठंड लगने पर शरीर अपने तापमान को बनाए रखने के लिए कांपने लगता है। कांपने के दौरान मांसपेशियां तेजी से काम करती हैं और गर्मी पैदा होती है। यह शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रक्रिया है।

शराब दिमाग के उन तंत्रों को प्रभावित कर सकती है, जो शरीर का तापमान नियंत्रित करने और ठंड के प्रति प्रतिक्रिया देने में मदद करते हैं। इसके कारण व्यक्ति को ठंड का सही अंदाजा नहीं रहता और शरीर की गर्मी बनाए रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
नशे की स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता और सतर्कता भी कम हो सकती है। व्यक्ति को यह समझने में देर हो सकती है कि उसका शरीर बहुत ज्यादा ठंडा हो रहा है। यही कारण है कि सर्दियों में शराब पीकर खुले में सोना या लंबे समय तक ठंड में रहना खतरनाक हो सकता है।
4. किन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है Alcohol In Winter?
सर्दियों में शराब पीने के बाद ठंडे वातावरण में रहने से किसी को भी नुकसान हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में जोखिम अधिक रहता है।
- बुजुर्ग: उम्र बढ़ने के साथ शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
- कम वजन वाले लोग: शरीर में गर्मी बनाए रखने की क्षमता कम हो सकती है।
- खुले में सोने वाले लोग: नशे में बाहर, छत पर या ठंडे कमरे में सोने से हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ सकता है।
- दिल और ब्लड प्रेशर के मरीज: शराब और ठंड का संयुक्त असर कुछ लोगों के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकता है।
- देर रात सफर करने वाले लोग: नशे के कारण सतर्कता और निर्णय लेने की क्षमता कम होने से दुर्घटना और ठंड से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए शराब पीने के बाद ठंड में बाहर रहने या सोने से बचना चाहिए। केवल गर्म कपड़े पहन लेना भी शराब से जुड़े सभी जोखिमों को खत्म नहीं करता।
5. सर्दियों में शराब पीने के दूसरे नुकसान
शराब का असर सिर्फ शरीर के तापमान तक सीमित नहीं है। इसके सेवन से कई अन्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।
डिहाइड्रेशन: शराब पेशाब की मात्रा बढ़ा सकती है, जिससे शरीर में पानी की कमी होने का खतरा रहता है।
नींद पर असर: शराब से शुरुआत में नींद आने जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन यह नींद की गुणवत्ता और सामान्य नींद चक्र को बिगाड़ सकती है।
गिरने और चोट लगने का खतरा: नशे में संतुलन और प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रभावित होती है। ठंड में गिरने या घायल होने पर व्यक्ति को समय पर मदद मिलने में भी परेशानी हो सकती है।
दिल और रक्तचाप पर असर: शराब का प्रभाव व्यक्ति की सेहत, सेवन की मात्रा और दूसरी परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं, इसलिए दिल से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, शराब के सेवन का कोई ऐसा स्तर नहीं है जिसे पूरी तरह जोखिम-मुक्त कहा जा सके। कम मात्रा में सेवन करने पर भी कुछ स्वास्थ्य जोखिम बने रहते हैं।
6. ठंड लगने पर क्या करें और क्या नहीं?
अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा ठंड लग रही है, तो उसे जल्द से जल्द गर्म और सुरक्षित जगह पर ले जाएं। उसके गीले कपड़े हटाकर सूखे कपड़े और कंबल उपलब्ध कराएं। शरीर को धीरे-धीरे गर्म रखना जरूरी है।
अगर व्यक्ति बहुत ज्यादा कांप रहा है, भ्रमित है, बोलने में परेशानी हो रही है, असामान्य रूप से सुस्त है या उसकी सांस धीमी पड़ रही है, तो तुरंत मेडिकल सहायता लें। ये हाइपोथर्मिया के गंभीर संकेत हो सकते हैं। ध्यान रखें कि गंभीर हाइपोथर्मिया में कांपना बंद भी हो सकता है, इसलिए कांपना बंद होने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति ठीक हो गया है।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति को शराब न दें। बहुत गर्म पानी से नहलाने, हाथ-पैर जोर से रगड़ने या अचानक तेज गर्मी देने से भी बचें। यदि व्यक्ति पूरी तरह होश में नहीं है, तो उसे कुछ भी खाने-पीने के लिए न दें।














