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उत्तर कोरिया ने सबसे बड़ी आईसीबीएम के परीक्षण की पुष्टि की

एक तरफ यूक्रेन और रूस के बीच पिछले एक महीने से जंग जारी है और दुनिया इस युद्ध को रुकवाने की भरपूर कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ उत्तर कोरिया ने बड़ी इंटरकॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया की लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है।

माना जा रहा है कि इसी टकराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उत्तर कोरिया लगातार अपनी परमाणु क्षमता का विस्तार कर रहा है।

उत्तर कोरिया ने इस इंटरकॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) के परीक्षण की पुष्टि भी की है।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने बताया कि ह्वासोंग-17 (आईसीबीएम) 6,248 किलोमीटर (3,880 मील) की अधिकतम ऊंचाई पर पहुंची और उत्तर कोरिया तथा जापान के बीच समुद्र में गिरने से पहले उसने 67 मिनट में 1,090 किलोमीटर (680 मील) का सफर तय किया।

एजेंसी ने दावा किया कि परीक्षण ने वांछित तकनीकी उद्देश्यों को पूरा किया और यह साबित करता है कि आईसीबीएम प्रणाली को युद्ध की स्थिति में तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है।

दक्षिण कोरियाई और जापानी सेनाओं ने भी ऐसे ही प्रक्षेपण विवरण दिये थे। उसके बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि मिसाइल 15,000 किलोमीटर (9,320 मील) तक के लक्ष्य को निशाना बना सकती है, अगर उसे एक टन से कम वजन वाले ‘वारहेड’ (आयुध) के साथ सामान्य प्रक्षेप-पथ पर दागा जाए।

‘केसीएनए’ ने मिसाइल के प्रक्षेपण की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। तस्वीरों में देश के नेता किम जोंग-उन मुस्कराते हुए ताली बजाते नजर आ रहे हैं। एजेंसी ने किम के हवाले से कहा कि उनका नया हथियार उत्तर कोरिया की परमाणु ताकतों के बारे में दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देगा।

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