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पीएम मोदी ने झुग्गी-झोपड़ी वासियों को दी फ्लैटों की चाबियां

पीएम मोदी ने ‘यथास्थान झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास परियोजना’ के तहत झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए दिल्ली के कालकाजी में बनाए गए 3024 नवनिर्मित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का उद्घाटन किया और दिल्ली के विज्ञान भवन में आज आयोजित एक कार्यक्रम में भूमिहीन कैंप में पात्र लाभार्थियों को चाबियां सौंपी।

सभा को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीबों को पक्का मकान देने के संकल्प में आज हमने अहम पड़ाव तय किया है। आज दिल्ली के सैकड़ों परिवारों के हजारों गरीब लोगों के लिए बहुत बड़ा दिन है। वर्षों से जो परिवार दिल्ली की झुग्गियों में रह रहे थे आज उनके लिए एक नई शुरुआत होने जा रही है।

पीएम ने बताया कि अकेले कालकाजी एक्सटेंशन के पहले चरण में ही 3000 से अधिक घर तैयार किए जा चुके हैं। बहुत जल्द, क्षेत्र में रहने वाले अन्य परिवारों को अपने नए घरों में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि केंद्र सरकार के ये प्रयास दिल्ली को एक आदर्श शहर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।” दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जो विकास होता है और जो सपने साकार होते हैं, उन पर टिप्पणी करते हुए पीएम ने कहा कि इस तरह के विकास एवं सपनों की नींव गरीबों की कड़ी मेहनत और प्रयासों से बनी है।

उन्होंने कहा, “यह कितना विरोधाभास है कि इन गरीब लोगों को दयनीय परिस्थितियों में रहने के लिए छोड़ दिया गया है। जब एक ही शहर में इतना असंतुलन है, तो हम समग्र विकास के बारे में  कैसे सोच सकते हैं? आजादी के अमृत काल में हमें इस विशाल अंतर को भरना है। इसलिए देश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

पीएम ने कहा कि दशकों से देश में शासन व्यवस्था इस मानसिकता से ग्रसित थी कि गरीबी गरीब लोगों की समस्या है लेकिन आज देश में जो सरकार है, वह गरीबों की सरकार है इसलिए वह गरीब को अपने हाल पर नहीं छोड़ सकती।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज देश की नीतियों के केंद्र में गरीब है और देश के निर्णयों के केंद्र में गरीब है। श्री मोदी ने कहा, “विशेषकर शहर में रहने वाले गरीब भाई-बहनों पर भी हमारी सरकार उतना ही ध्यान दे रही है।”

पीएम ने कहा कि दिल्ली में 50 लाख ऐसे लोग थे, जिनके पास बैंक खाता तक नहीं था। इससे वे बैंकिंग प्रणाली के किसी भी लाभ से वंचित रह गए। उन्होंने कहा, “वे दिल्ली में थे लेकिन दिल्ली उनसे बहुत दूर थी।” सरकार द्वारा इस स्थिति को बदल दिया गया और खाता खोलकर वित्तीय समावेशन के लिए एक अभियान चलाया गया।

इसका सीधा लाभ रेहड़ी-पटरी वालों समेत दिल्ली के गरीब लोगों को हुआ। उन्होंने यूपीआई की सर्वव्यापी पहुंच के बारे में भी बताया। स्वनिधि योजना के तहत 50 हजार से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक सहायता मिली है।

अपने संबोधन के अंत में पीएम ने कहा, “मुझे यकीन है कि हर कोई दिल्ली और देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। प्रत्येक नागरिक के योगदान से दिल्ली की यात्रा और भारत की प्रगति नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।”

दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री कौशल किशोर, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी और सांसद इस अवसर पर मौजूद थे।

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