न्यूज़भारतराजनीतिहेडलाइंस

Amit Shah BIMSTEC Meeting:आतंकियों को पनाह न मिले.. गृहमंत्री अमित शाह ने की बिम्सटेक देशों से अपील

Amit Shah BIMSTEC Meeting:उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिम्सटेक देशों से आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देशों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आतंकियों को क्षेत्र में पनाह न मिले और वे किसी भी देश के खिलाफ अपनी गतिविधियां संचालित न कर सकें।

बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। उन्होंने सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।

आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों बिम्सटेक देश

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिम्सटेक देशों के बीच साझेदारी का आधार यह विश्वास है कि हर सदस्य देश की सुरक्षा व्यवस्था दूसरे सदस्य देशों की सुरक्षा में भी योगदान देती है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर आपसी भरोसा मजबूत होता है और सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने में मदद मिलती है।

उन्होंने सदस्य देशों से सामूहिक संकल्प लेने की अपील की कि आतंकवादी संगठनों को किसी भी देश में पनाह लेने, ठिकाने बनाने, प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने या संसाधन जुटाने का मौका नहीं मिलना चाहिए। इसके साथ ही आतंकियों को दूसरे सदस्य देशों के खिलाफ गतिविधियां संचालित करने से रोकने के लिए भी मिलकर काम करने की जरूरत बताई।

शाह ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए क्षेत्रीय सहयोग, प्रभावी समन्वय और समय पर कार्रवाई जरूरी है।

आतंकी फंडिंग और संगठित अपराध पर रोक लगाने पर जोर

अमित शाह ने आतंकवाद से निपटने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग को प्रमुख प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि आतंकी नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में मौजूदा नोडल एजेंसियों के माध्यम से उपयोगी खुफिया जानकारी साझा की जानी चाहिए।

उन्होंने आतंकियों, उनके सहयोगियों, आपराधिक नेटवर्क, वित्तीय माध्यमों और सीमा पार गतिविधियों से जुड़ी सत्यापित तथा कार्रवाई योग्य जानकारी समय पर साझा करने की जरूरत बताई।

गृह मंत्री के मुताबिक, बेहतर समन्वय से आतंकी फंडिंग के स्रोतों की पहचान करने और संगठित अपराध के नेटवर्क पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सदस्य देशों से सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।

प्रत्यर्पण और कानूनी सहायता में सहयोग की अपील

अमित शाह ने बिम्सटेक देशों से पारस्परिक कानूनी सहायता और प्रत्यर्पण के मामलों में सहयोग बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को अपने राष्ट्रीय कानूनों और लागू समझौतों के अनुरूप इस दिशा में मिलकर काम करना चाहिए।

प्रत्यर्पण और कानूनी सहायता के माध्यम से सीमा पार अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे उन अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के प्रयास मजबूत होंगे, जो अलग-अलग देशों में सक्रिय नेटवर्क का हिस्सा हैं।

मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर क्या बोले अमित शाह?

गृह मंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी को भी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को केवल एक देश के प्रयासों से समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए पूरे क्षेत्र को साथ लेकर चलने वाला दृष्टिकोण अपनाना होगा।

शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी से होने वाली अवैध कमाई संगठित अपराध को आर्थिक ताकत देती है। इस धन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए भी किया जा सकता है।

उन्होंने नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के अवैध उपयोग और डार्क वेब के माध्यम से होने वाले लेनदेन को भी चुनौती का हिस्सा बताया। इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए देशों के बीच जानकारी साझा करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय को मजबूत करना जरूरी है।

क्या है बिम्सटेक और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं?

बिम्सटेक यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल एक क्षेत्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य बंगाल की खाड़ी से जुड़े देशों और आसपास के क्षेत्र में आर्थिक, तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है।

बिम्सटेक में कुल सात सदस्य देश शामिल हैं:

  1. भारत
  2. बांग्लादेश
  3. भूटान
  4. म्यांमार
  5. नेपाल
  6. श्रीलंका
  7. थाईलैंड

यह संगठन सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। आतंकवाद, सीमा पार अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकी फंडिंग जैसी चुनौतियों से निपटने में इन देशों के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण हो सकता है।

अमित शाह का आह्वान इसी क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और सदस्य देशों की सुरक्षा व्यवस्था के बीच तालमेल बढ़ाने पर केंद्रित रहा।

Related Posts

Jio-Airtel-Vi को लाना होगा बिना डेटा वाला रिचार्ज, अब सस्ता हो जाएगा हर महीने का प्लान

खबर इंडिया की।अगर आप मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते या बहुत कम डेटा…

65 हजार की बाइक के दीवाने हुए लोग… 31 दिनों में दो लाख से ज्यादा लोगों ने खरीदी ये गाड़ी

खबर इंडिया की।दोपहिया वाहन बाजार में अगस्त 2026 का महीना होंडा टू-व्हीलर इंडिया…

होटल के कमरे में लटके मिले 26 साल का युवक, 46 की महिला.. 9 दिन से एक ही रूम में साथ रूके थे

खबर इंडिया की।उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक होटल के कमरे में युवक और महिला के शव…

1 of 910

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *