दिल्लीदुनियान्यूज़भारतराजनीतिराज्यहेडलाइंस

Amit Shah on Congress-AAP: कांग्रेस 30 साल तक सत्ता में नहीं आएगी… राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा- प्रदर्शन और धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं

उमाकांत त्रिपाठी। Amit Shah on Congress-AAP. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल धरने-प्रदर्शन करने से चुनाव नहीं जीते जा सकते। अगर विपक्ष को सत्ता में वापसी करनी है, तो उसे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना होगा और उनके कल्याण के लिए योजनाओं पर काम करना होगा। Amit Shah on Congress-AAP बयान के दौरान उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक चालबाजी और भीड़ के दम पर जनादेश को चुनौती देने का आरोप लगाया।

दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन से जुड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में अमित शाह ने कांग्रेस की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नकारात्मक राजनीति के कारण अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आ पाएगी। इस कार्यक्रम में दिल्ली जल बोर्ड की 8,941 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं की शुरुआत की गई।

1. धरने-प्रदर्शन से नहीं, जनता के बीच जाने से मिलती है जीत

अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को सलाह देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाना और उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, केवल प्रदर्शन और धरने करने से राजनीतिक सफलता नहीं मिलती।

उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि जिन राज्यों में उनकी सरकारें हैं, वहां लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं लागू करनी चाहिए। शाह ने चेतावनी दी कि अगर विपक्ष जनता की जरूरतों पर ध्यान नहीं देगा, तो उसे दूसरे राज्यों में भी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि चुनावी राजनीति में जनता का समर्थन हासिल करने के लिए केवल विरोध करना पर्याप्त नहीं है। राजनीतिक दलों को अपने काम और योजनाओं के जरिए लोगों का भरोसा जीतना चाहिए।

2. वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस और विपक्ष को घेरा

अमित शाह ने चुनाव में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत के बाद विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं और अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं।

शाह के मुताबिक, विपक्ष चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल उठाता है, लेकिन जब अदालतों के फैसले उसके पक्ष में आते हैं, तो उन्हें स्वीकार करता है।

उन्होंने केरल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में विपक्षी दलों की जीत का हवाला देते हुए कहा कि इन राज्यों में भी वही EVM और चुनाव आयोग थे। उनके इस तर्क का उद्देश्य विपक्ष के चुनावी गड़बड़ी संबंधी आरोपों पर सवाल उठाना था।

हालांकि, चुनावी गड़बड़ी या वोट चोरी से जुड़े किसी भी आरोप का आकलन संबंधित शिकायतों, उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर किया जाना चाहिए। राजनीतिक बयान अपने आप में किसी आरोप को साबित नहीं करते।

3. कांग्रेस की राजनीति पर बोले- 30 साल तक सत्ता में नहीं आएगी

अमित शाह ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि उसकी नकारात्मक राजनीति के कारण वह अगले 30 साल तक सरकार नहीं बना पाएगी। उन्होंने भाजपा के लंबे समय तक सत्ता में रहने संबंधी अपने बयान का भी जिक्र किया।

शाह ने कहा कि जब वह भाजपा के 30 साल तक सत्ता में रहने की बात करते हैं, तो विपक्ष फिर वोट चोरी के आरोप लगाने लगता है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन और देश में रहने का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

उनका यह बयान कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव को दर्शाता है। विपक्ष की चुनावी रणनीति और चुनाव प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भारतीय राजनीति का अहम हिस्सा बने हुए हैं।

4. दिल्ली में ₹8,941 करोड़ की 33 जल परियोजनाओं की शुरुआत

अमित शाह दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन से संबंधित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान दिल्ली जल बोर्ड की 8,941 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।

इन परियोजनाओं का संबंध दिल्ली में जल प्रबंधन और यमुना के पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों से है। राजधानी में नदी की सफाई, सीवेज प्रबंधन और जल से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना लंबे समय से अहम मुद्दा रहा है।

यमुना में प्रदूषण और गंदे पानी की निकासी को लेकर दिल्ली में कई बार राजनीतिक विवाद भी देखने को मिले हैं। ऐसे में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उनके वास्तविक परिणामों पर नजर रहेगी।

हालांकि, परियोजनाओं की घोषणा या शिलान्यास के बाद उनका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि काम कितनी तेजी से पूरा होता है और उससे जल प्रदूषण तथा सीवेज प्रबंधन की समस्याओं में कितना सुधार आता है।

कांग्रेस-AAP पर हमले के क्या हैं राजनीतिक मायने?

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब चुनाव प्रक्रिया, EVM और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। शाह ने अपने संबोधन में विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए जनता के बीच काम करने और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

एक ओर भाजपा विपक्ष के आरोपों को हार के बाद की राजनीतिक प्रतिक्रिया बताती है, वहीं विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवाल उठाते रहे हैं। इन दावों का मूल्यांकन तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।

दिल्ली में जल परियोजनाओं की शुरुआत के साथ शाह ने राजनीतिक संदेश भी दिया। उनके भाषण में दो प्रमुख मुद्दे रहे—विपक्ष की चुनावी रणनीति की आलोचना और यमुना पुनर्जीवन से जुड़ी विकास परियोजनाएं। अब इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन और राजनीतिक दलों के बीच चुनावी मुद्दों पर जारी बहस पर नजर रहेगी।

Related Posts

Jio-Airtel-Vi को लाना होगा बिना डेटा वाला रिचार्ज, अब सस्ता हो जाएगा हर महीने का प्लान

खबर इंडिया की।अगर आप मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते या बहुत कम डेटा…

65 हजार की बाइक के दीवाने हुए लोग… 31 दिनों में दो लाख से ज्यादा लोगों ने खरीदी ये गाड़ी

खबर इंडिया की।दोपहिया वाहन बाजार में अगस्त 2026 का महीना होंडा टू-व्हीलर इंडिया…

1 of 996

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *