Gwalior Sheetla Mata Temple Accident : खबर इंडिया की।मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात तेज रफ्तार ट्रक श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार ढह गई। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जिस रास्ते पर साइकिल तक नहीं जा सकती, वहां भारी ट्रक कैसे पहुंच गया?
Gwalior Sheetla Mata Temple Accident के बाद अस्पताल और मॉर्चुरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। किसी ने अपना बेटा खो दिया, तो किसी परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया। परिजनों ने हादसे की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मृतकों व घायलों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
18 साल के गौरव परिहार की मौत, मां ने लगाए गंभीर आरोप
हादसे में 18 वर्षीय गौरव परिहार की भी जान चली गई। बेटे को खोने के बाद उनकी मां किरण ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि एंबुलेंस को भी वहां से जाने के लिए मजबूर किया गया, जिससे घायलों को अस्पताल पहुंचाने और इलाज में देरी हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे के बाद परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से जवाब मांगा। उनका कहना है कि मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा? परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि रास्ते पर प्रतिबंध था, तो उसे रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।
पवन राठौर की मौत, निकेश के दोनों पैर टूटे
हादसे में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय पवन राठौर का शव अस्पताल से ले जाते समय परिजन फूट-फूटकर रोते रहे। वहीं, घायल निकेश के परिजन संदीप ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 5 बजे फोन के जरिए दुर्घटना की सूचना मिली थी।
संदीप के मुताबिक, जब वे घटनास्थल पर पहुंचे तो निकेश गंभीर हालत में मिला। उसके दोनों पैर टूट गए हैं और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। परिवार के लोग उसकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
दिव्यांश कुशवाह के परिजन सावित्री ने बताया कि दर्शन करने के बाद परिवार के दूसरे लोग बाहर निकल आए थे, लेकिन दिव्यांश उनके साथ नहीं मिला। काफी देर तक तलाश करने के बाद जब वे मंदिर के अंदर गए, तो उसकी पहचान हुई। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और उनके सामने अपनों को खोने का दर्द छोड़ दिया।
परिजनों ने मांगे 25 लाख रुपये मुआवजा
हादसे के बाद मॉर्चुरी के बाहर मृतकों के परिजनों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और घायलों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने ट्रक चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी उठाई।
पुलिस ने मामले में ट्रक मालिक मोहित सिंह और चालक दिलबाग सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच के बीच परिजन जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
मंत्री राकेश शुक्ला बोले- आरोपों की जांच जारी
घायलों का हाल जानने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन के खिलाफ परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
मंत्री के मुताबिक, घायलों को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। परिजन चाहते हैं कि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच हो, हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता मिले।
भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
शीतला माता मंदिर के पास हुए इस हादसे ने मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते पर यातायात प्रबंधन और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि प्रतिबंधित रास्ते पर ट्रक का पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की ओर इशारा करता है।
फिलहाल परिजन अपने सवालों के जवाब और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है, जबकि घायल लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। दुर्घटना की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार तक कैसे पहुंचा और हादसे को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते थे।














