उमाकांत त्रिपाठी।बांग्लादेश बॉर्डर पर गृह मंत्री अमित शाह ने असम को घुसपैठियों से मुक्त बनाने की हुंकार भरी. अमित शाह असम के कछार जिले में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (VVP) के दूसरे चरण का शुभारंभ कर ये बात कही. ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के दूसरे चरण के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा से लगे 334 ब्लॉक का डेवलेप किया जाएगा. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सीमाएं खुली छोड़ दीं, जिसके कारण असम में घुसपैठ हुई. लेकिन हम असम को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे.
असम में चुनाव, पूरी रफ्तार में BJP मशीनरी
असम के विधानसभा चुनाव का ऐलान चुनाव आयोग अगले महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में करने जा रहा है. इससे पहले 2026 भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी रफ्तार दे दी है. गृह मंत्री शाह असम के दो दिन के दौरे पर हैं और उनसे पहले बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी राज्य का दौरा किया था. अमित शाह ने कछार जिले के सीमावर्ती गांव नथानपुर से महत्वाकांक्षी ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (VVP) के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है. वह बीएसएफ़ की आउटपोस्ट का भी दौरा करेंगे.
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के एजेंडे को फिर से धार
₹6,839 करोड़ के बजट वाली इस योजना का लक्ष्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर पलायन रोकना और स्थानीय निवासियों को देश की सुरक्षा के लिए ‘आंख और कान’ के रूप में तैयार करना है. अमित शाह का यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है. यह 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत संदेश भी है. भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित कछार से इस योजना की शुरुआत कर बीजेपी ने घुसपैठ और सीमा सुरक्षा जैसे अपने कोर एजेंडे को फिर से धार दी है. अमित शाह ने स्पष्ट किया कि ‘डबल इंजन’ सरकार सीमा के अंतिम गांव को देश का ‘पहला गांव’ मानकर विकास कर रही है.
नितिन नवीन की ‘बूथ विजय’ रणनीति
शाह से पहले पार्टी की सांगठनिक तैयारी को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी असम के दो दिवसीय प्रवास पर रहे. डिब्रूगढ़ में आयोजित ‘पन्ना प्रमुख सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘50% से अधिक वोट शेयर’ का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया. नवीन ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने का निर्देश देते हुए कहा कि “जब पन्ना प्रमुख मजबूत होगा, तभी हर बूथ पर कमल खिलेगा.” उनके इस दौरे ने साफ कर दिया है कि बीजेपी इस बार न केवल सत्ता बरकरार रखना चाहती है, बल्कि अपने वोट आधार को और व्यापक करने की तैयारी में है.












