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Andhra Pradesh Cyclone Arnab: चक्रवात ‘अर्नब’ से आंध्रप्रदेश में हुई तबाही, सीएम नायडू ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर की बात, इस मुद्दे पर हुई चर्चा

Andhra Pradesh Cyclone Arnab:।उमाकांत त्रिपाठी। आंध्रप्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ (Andhra Pradesh Cyclone Arnab) के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान होने की खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत कर चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुरुआती अनुमानों में राज्य के कई जिलों में 70 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर फसलें जलमग्न होने की बात सामने आई है। इसके अलावा लगभग 10,500 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है। चक्रवात के कारण घरों, सड़कों और बिजली के खंभों पर भी असर पड़ा है। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

70 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर फसलें जलमग्न

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआती आकलन के अनुसार, विशाखापत्तनम, कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु, कृष्णा और राज्य के अन्य क्षेत्रों में कृषि भूमि पर खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं।

राज्य में 70,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही 10,500 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलें प्रभावित हुई हैं। कृषि और बागवानी क्षेत्र को हुए इस नुकसान से किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

हालांकि, ये आंकड़े शुरुआती अनुमान पर आधारित हैं। वास्तविक नुकसान का पता विस्तृत सर्वे और आधिकारिक आकलन के बाद ही चल सकेगा। प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति का आकलन करना किसानों को संभावित राहत और सहायता उपलब्ध कराने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

28 हजार से अधिक लोगों को राहत केंद्रों में पहुंचाया गया

चक्रवात के खतरे और उसके प्रभाव को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों से 28,000 से अधिक लोगों को पुनर्वास और राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री को भेजे गए पत्र में बताया गया कि शुरुआती अनुमान के मुताबिक, 180 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 220 से अधिक पेड़ सड़कों पर गिर गए हैं। तटीय इलाकों में कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।

चक्रवात के कारण बिजली के खंभे उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी जानकारी दी गई है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाल करना, सड़कों से मलबा हटाना और लोगों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाना प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौती बनी हुई है।

कई जिलों में चक्रवात का गंभीर असर

मुख्यमंत्री के पत्र के अनुसार, कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, अनाकापल्ली और कृष्णा सहित कई जिलों में चक्रवात का गंभीर असर देखा गया है। इन क्षेत्रों में फसलों, मकानों, सड़कों और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की सूचना है।

चक्रवात के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में राहत और बहाली का काम जारी है। पुलिसकर्मी और सरकारी अधिकारी सड़कों पर गिरे पेड़ों तथा अन्य मलबे को हटाने में जुटे हैं, ताकि प्रमुख मार्गों पर यातायात दोबारा सुचारू किया जा सके।

बिजली आपूर्ति बहाल करने और आवश्यक सेवाओं को सामान्य स्थिति में लाने के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित इलाकों में लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए और दैनिक गतिविधियां सामान्य हो सकें।

केंद्र सरकार से केंद्रीय टीम भेजने की मांग

चक्रवात से हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जल्द से जल्द केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। इस टीम के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किए जाने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री ने फोन पर बातचीत के दौरान भी राज्य में पैदा हुई स्थिति की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री को दी। राज्य सरकार के अनुसार, नुकसान का विस्तृत आकलन होने से प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को समझने और राहत उपायों की योजना बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय टीम के सर्वे के बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल राज्य प्रशासन आपातकालीन व्यवस्था, राहत कार्यों और आवश्यक सेवाओं की बहाली पर ध्यान दे रहा है।

चक्रवात से जनजीवन और बुनियादी ढांचे पर असर

चक्रवात के कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से सड़कों पर मलबा फैल गया। इससे यातायात के साथ बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। तटीय क्षेत्रों में सड़कों को नुकसान पहुंचने के कारण राहत और बहाली के कार्यों में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चक्रवात से संबंधित घटनाओं में राज्य में तीन लोगों की मौत हुई है। मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अलग-अलग शुरुआती आकलनों में क्षतिग्रस्त मकानों की संख्या के आंकड़ों में अंतर है। मुख्यमंत्री के पत्र में 180 घर क्षतिग्रस्त होने का अनुमान दिया गया है, जबकि अन्य शुरुआती जानकारी में 31 मकानों के नुकसान का उल्लेख है। अंतिम आंकड़ों की पुष्टि विस्तृत सर्वे के बाद ही हो सकेगी।

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र लगातार काम कर रहे हैं। पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी सड़कों को साफ करने, यातायात बहाल करने तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने में लगे हैं।

फिलहाल आंध्र प्रदेश सरकार के सामने किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने, प्रभावित परिवारों की सहायता करने और बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने की चुनौती है। राज्य सरकार ने केंद्र से केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह किया है। अब विस्तृत आकलन के बाद ही चक्रवात से हुए कुल नुकसान और आगे मिलने वाली सहायता की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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