उमाकांत त्रिपाठी।भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के 209 दिन बाद अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। BJP National Executive में कई पुराने चेहरों को जिम्मेदारी बरकरार रखने के साथ कुछ नेताओं की नई भूमिका तय की गई है। नई टीम में राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
नितिन नवीन की BJP National Executive में कुल 65 सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव, 16 राष्ट्रीय सचिव और 28 अन्य सदस्य शामिल हैं। टीम में महिलाओं को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व दिया गया है। कुल 12 महिलाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नई टीम की घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नितिन नवीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के करीब सात महीने बाद संगठन में व्यापक बदलाव किया है। उनकी टीम में कुछ अनुभवी नेताओं को बरकरार रखा गया है, जबकि कई नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
राम माधव और स्मृति ईरानी की बड़ी वापसी
BJP National Executive में राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने को महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। राम माधव भाजपा के संगठन और राजनीतिक मामलों में लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका पहले भी महत्वपूर्ण रही है।
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरानी भाजपा की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। अब नई BJP National Executive में उन्हें महासचिव की भूमिका देकर संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्मृति ईरानी के अलावा संगठन में कई अन्य नेताओं को भी महत्वपूर्ण पद मिले हैं। भाजपा की नई टीम में अनुभव और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है। पार्टी के लिहाज से राष्ट्रीय महासचिव का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि महासचिव संगठन के विस्तार, चुनावी रणनीति और विभिन्न राज्यों में पार्टी के कामकाज के साथ समन्वय में अहम भूमिका निभाते हैं।
अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को IT सेल की जिम्मेदारी
BJP National Executive में सबसे चर्चित बदलावों में से एक भाजपा IT सेल से जुड़ा है। पार्टी ने IT सेल के प्रभारी अमित मालवीय को इस जिम्मेदारी से हटा दिया है। उनकी जगह दीपक म्हस्के को IT सेल की जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया संगठन पिछले कुछ वर्षों में बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन, ऑनलाइन नैरेटिव और पार्टी के संदेश को तेजी से लोगों तक पहुंचाने में IT सेल की भूमिका अहम होती है। ऐसे में IT सेल के नेतृत्व में बदलाव को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई BJP National Executive में IT और सोशल मीडिया से जुड़े पदों पर भी विशेष ध्यान दिखाई देता है। प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा अपने डिजिटल संगठन को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।
वसुंधरा राजे समेत कई पुराने चेहरों पर भरोसा
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी में बरकरार रखा गया है। वसुंधरा राजे भाजपा की वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और राजस्थान की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। नई BJP National Executive में उन्हें दोबारा उपाध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी ने उनके अनुभव पर भरोसा कायम रखा है।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी अपने पद पर बने रहेंगे। संगठन के स्तर पर बीएल संतोष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी के विस्तार से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय संगठन मंत्री का पद अहम माना जाता है।
नई BJP National Executive में डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, डॉ. भारती पवार और डॉ. मधुचंद्र कर समेत कई महिला नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पार्टी की राष्ट्रीय टीम में महिला प्रतिनिधित्व को भी मजबूती मिली है।
नई टीम में 12 महिलाओं को मिली जिम्मेदारी
नितिन नवीन की BJP National Executive की खास बात महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी है। नई टीम में कुल 12 महिलाओं को अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी दी गई है। इनमें वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, डॉ. भारती पवार और डॉ. मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली है। वहीं कविता पाटीदार, फांग्नोन कोन्यक और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी मिली है।
महिला नेताओं को दी गई इन जिम्मेदारियों से साफ है कि भाजपा की नई BJP National Executive में संगठन के अलग-अलग स्तरों पर महिला भागीदारी को जगह दी गई है। उत्तर प्रदेश से तीन महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिला है, जबकि महाराष्ट्र से दो महिलाएं टीम का हिस्सा बनी हैं। बाकी राज्यों से एक-एक महिला को जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तर प्रदेश से मुस्लिम चेहरों को भी जगह
नितिन नवीन की BJP National Executive में उत्तर प्रदेश से मुस्लिम चेहरों को भी शामिल किया गया है। तारिक मंसूर और बासित अली को राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है। भाजपा की राष्ट्रीय टीम में इन नेताओं को शामिल किया जाना भी चर्चा का विषय है।
राष्ट्रीय संगठन में अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों को प्रतिनिधित्व देना किसी भी राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। भाजपा की नई BJP National Executive में भी क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा गया है।
उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। ऐसे में वहां से अलग-अलग सामाजिक समूहों के नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने का राजनीतिक और संगठनात्मक महत्व है।
45 साल की उम्र में भाजपा अध्यक्ष बने थे नितिन नवीन
नितिन नवीन ने करीब 209 दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्होंने जेपी नड्डा के बाद पार्टी की कमान संभाली थी। उनका चयन निर्विरोध हुआ था। उस समय 45 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के कारण नितिन नवीन को भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर भी देखा गया।
अब अध्यक्ष बनने के 209 दिन बाद उनकी BJP National Executive सामने आई है। नई टीम के जरिए नितिन नवीन ने संगठन में अपनी प्राथमिकताओं और भरोसेमंद चेहरों को जिम्मेदारी देने का संकेत दिया है।
65 सदस्यों वाली इस टीम में अनुभवी नेताओं के साथ नई जिम्मेदारियां पाने वाले चेहरों का मिश्रण है। राम माधव और स्मृति ईरानी जैसे नेताओं को अहम पद मिलने से संगठन में अनुभव को महत्व देने का संकेत मिलता है। वहीं IT सेल में बदलाव और सोशल मीडिया से जुड़ी जिम्मेदारियां यह बताती हैं कि पार्टी डिजिटल संगठन को भी प्राथमिकता दे रही है।
कुल मिलाकर नितिन नवीन की BJP National Executive भाजपा संगठन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में सामने आई है। नई टीम में वरिष्ठ नेताओं को बनाए रखने, नए चेहरों को जिम्मेदारी देने, महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने और विभिन्न सामाजिक समूहों को राष्ट्रीय संगठन में जगह देने की कोशिश दिखाई देती है। आने वाले समय में इस टीम की भूमिका भाजपा की संगठनात्मक रणनीति और चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण हो सकती है।














