उमाकांत त्रिपाठी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक जेपी नड्डा 6 महीने और पार्टी के अध्यक्ष रह सकते हैं। दरअसल बीजेपी हाल ही में होने वाले 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव तक नेशनल प्रेसिडेंट का चुनाव टालने पर विचार कर रही है। ऐसे में जेपी नड्डा केंद्रीय मंत्री और पार्टी अध्यक्ष की दोहरी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
कार्यकारी अध्यक्ष की रेस में ये नाम आगे
भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस साल 4 राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव तक जेपी नड्डा को अध्यक्ष बनाए रख सकती है। इन चुनावों में अभी 6 महीने हैं। नड्डा अभी केंद्रीय मंत्री भी हैं, लिहाजा उनके दैनिक क्रियाकलाप के संचालन के लिए किसी महासचिव को कार्यकारी अध्यक्ष बना सकते हैं। सुनील बंसल व विनोद तावड़े के नाम सबसे आगे हैं।
जनवरी में खत्म हो चुका है कार्यकाल
नड्डा का कार्यकाल इसी साल जनवरी में खत्म हो चुका है। लोकसभा चुनाव के लिए जून तक विस्तार दिया गया था। जुलाई में पार्टी को नया अध्यक्ष चुनना था। लेकिन भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि नए अध्यक्ष के चुनाव से पहले संगठनात्मक चुनाव की जरूरत होती है। इसमें 6 महीने का समय लगता है। सूत्रों का कहना है कि जिसे कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलेगी, भविष्य में उसे पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाया जा सकता है। चूंकि पार्टी अध्यक्ष का कार्यकाल 3 साल का होता है।
इसलिए बनेगा कार्यकारी अध्यक्ष
बीजेपी के संविधान में एक व्यक्ति एक पद की व्यवस्था है, इसलिए केंद्रीय मंत्री रहते नड्डा पूर्ण रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं रह सकते। लिहाजा कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर पार्टी इस तकनीकी पहलू को सुलझा सकती है। 2019 के बाद भी भाजपा ने अमित शाह को अध्यक्ष बनाए रखा था। नड्डा कार्यकारी अध्यक्ष बने थे।













