उमाकांत त्रिपाठी। दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े केस में दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत मिली है। आज केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर जाएंगे। गुरुवार शाम ईडी ने केजरीवाल की जमानत का विरोध करते हुए 2 दिन का वक्त मांगा था। हालांकि ईडी की इस दलील को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
ईडी ने कोर्ट में किया था ये बड़ा दावा
केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी ने दावा किया कि उनके पास अरविंद केजरीवाल द्वारा शराब नीति मामले में 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का सबूत है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि शराब विक्रेताओं से मिलने वाली रिश्वत का इस्तेमाल गोवा में आप के चुनाव अभियान में किया था. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने यह भी कहा कि दक्षिण समूह से अपराध से होने वाली आय का प्रत्यक्ष पता चला है, जिसमें बीआरएस नेता के कविता भी शामिल हैं. एएसजी राजू ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान केजरीवाल ने अपने फोन का पासवर्ड देने से इनकार कर दिया.
केजरीवाल ने कही थी ये बात
“केजरीवाल कहते हैं कि मेरा फोन पवित्र है. मैं पासवर्ड नहीं दूंगा. (मैं अपना पासवर्ड नहीं दूंगा) हमें विनोद चौहान (मामले में आरोपी) के फोन का सहारा लेना पड़ा. वह चुप बैठे हैं, एक प्रतिकूल निष्कर्ष निकालना होगा इस तथ्य से पता चलता है कि केजरीवाल ने अपना पासवर्ड देने से इनकार कर दिया है, यह सामान्य जमानत कानून के तहत जमानत से इनकार करने का एक आधार है, फिलहाल धारा 45 पीएमएलए को भूल जाइए,”
21 मार्च को किया गिरफ्तार हुए थे दिल्ली सीएम
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 21 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था. मई में आम चुनाव के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी. उन्होंने 2 जून को सरेंडर किया था.














