Major Cabinet Decisions: उमाकांत त्रिपाठी।केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। Cabinet Decisions 2026 के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस पर करीब ₹2,009 करोड़ खर्च होंगे। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।
इसके अलावा, सरकार ने दिव्यांगों की पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी है। तीन पेंशन योजनाओं के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनमें प्रधानमंत्री शब्द जोड़ने का भी निर्णय लिया गया है।
1. रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, ₹17,951 तक मिलेंगे
केंद्र सरकार ने रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दी है। इस फैसले पर लगभग ₹2,009 करोड़ खर्च किए जाएंगे। बोनस का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित करना और रेलवे के कामकाज में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इस आधार पर 78 दिन के बोनस की अधिकतम राशि ₹17,951 बनती है।
बोनस का कैलकुलेशन:
₹7,000 × 12 × 78 ÷ 365 = ₹17,951
यह अधिकतम गणना के आधार पर मिलने वाली राशि है। प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाला वास्तविक बोनस उसकी पात्रता और लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकता है।
रेलवे के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की गई, जो उस साल का रिकॉर्ड था। इस दौरान रेलवे से करीब 7.41 अरब यात्रियों ने सफर किया। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण से रेलवे के संचालन और प्रदर्शन में सुधार हुआ है।
बोनस के फैसले से पात्र रेलवे कर्मचारियों को त्योहार से पहले आर्थिक मदद मिलेगी। इससे उन्हें त्योहार की खरीदारी और घरेलू खर्चों में भी राहत मिल सकती है।
2. दिव्यांग पेंशन के नियम बदले, पात्रता सीमा 80% से घटकर 40%
कैबिनेट ने दिव्यांगों की पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है। इससे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले अधिक दिव्यांग लोगों को योजना के दायरे में लाने का रास्ता खुल सकता है।
पेंशन की प्रस्तावित दरें इस प्रकार हैं:
- 0 से 79 वर्ष की उम्र: ₹375 प्रति माह।
- 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र: ₹625 प्रति माह।
दिव्यांगता की पात्रता में यह बदलाव दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप बताया गया है। इस कानून के तहत 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति को बेंचमार्क दिव्यांगता की श्रेणी में रखा जाता है।
नए नियमों के तहत पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और पेंशन की रकम से जुड़ी जानकारी दिशानिर्देशों के माध्यम से लागू की जाएगी। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन बदलावों के क्रियान्वयन से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएगी।
नियमों में बदलाव का उद्देश्य पेंशन योजना की पात्रता को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाना है। हालांकि, पेंशन पाने के लिए संबंधित योजना की अन्य शर्तों को पूरा करना भी जरूरी होगा।
3. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 2031 तक जारी रहेगा
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस अवधि में योजना पर ₹53,428 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इससे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लोगों को सहायता मिलने का अनुमान है।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। यह योजना संविधान के अनुच्छेद 41 में दिए गए प्रावधानों से जुड़ी है। इसके तहत योजना का खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
सरकार के मुताबिक, कार्यक्रम के अंतर्गत बुजुर्गों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना और अन्नपूर्णा योजना भी चलती रहेंगी।
राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत ऐसे पात्र बुजुर्गों को अनाज उपलब्ध कराया जाता है, जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिलता।
इस कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सहायता मिलती रहेगी। इससे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों को जरूरी खर्चों में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन पेंशन योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे
कैबिनेट बैठक में तीन पेंशन योजनाओं के नाम बदलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनमें प्रधानमंत्री शब्द जोड़ा जाएगा।
यह बदलाव योजनाओं के नाम में संशोधन से संबंधित है। योजनाओं के नए आधिकारिक नाम और उनसे जुड़े अन्य विवरणों की पुष्टि सरकार की अधिसूचना के आधार पर की जानी चाहिए।
कैबिनेट के फैसलों से किन लोगों को फायदा होगा?
केंद्र सरकार के इन फैसलों का असर रेलवे कर्मचारियों, दिव्यांगों, बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ सकता है। रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन के बोनस से आर्थिक लाभ मिलेगा। दिव्यांग पेंशन की पात्रता सीमा में बदलाव से निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिक लोग योजना के दायरे में आ सकते हैं।
वहीं, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2031 तक जारी रखने से पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से सहायता मिलती रहेगी। हालांकि, प्रत्येक योजना का लाभ संबंधित पात्रता शर्तों, आधिकारिक दिशानिर्देशों और लागू नियमों के आधार पर ही मिलेगा।
इस तरह कैबिनेट के इन फैसलों में रेलवे कर्मचारियों के बोनस, दिव्यांग पेंशन और जरूरतमंद लोगों के लिए सामाजिक सहायता कार्यक्रम को आगे जारी रखने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।















