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Diwali Business 2026: इस दिवाली हुआ रिकॉर्ड तोड़ कारोबार! देश भर में बिके इतने लाख करोड़ के सामान, बाजारों में छाई बंपर रौनक

Diwali Business 2026: दिवाली का त्योहार इस बार देशभर के व्यापारियों के लिए बड़ी आर्थिक खुशियां लेकर आ सकता है। फेस्टिव सीजन में बाजारों में खरीदारी की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए कारोबारियों को रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद है। अनुमान है कि दिवाली के त्योहारी कारोबार और इससे जुड़ी सेवाओं के जरिए देशभर में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हो सकता है। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में अकेले 80 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया है।

Diwali Business 2026 को लेकर व्यापारिक संगठनों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, इस बार दिवाली पर देशभर के बाजारों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल सकती है। खास बात यह है कि इस साल भारतीय उत्पादों की खरीद और बिक्री पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दिल्ली के व्यापारियों के लिए यह दिवाली और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले एक महीने के दौरान धरने, प्रदर्शन और रैलियों के कारण कारोबार प्रभावित होने की बात कही गई है। ऐसे में व्यापारी दिवाली की बंपर खरीदारी के जरिए पिछले नुकसान की भरपाई की उम्मीद कर रहे हैं।

दिवाली पर देशभर में 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार

CTI के अनुमान के मुताबिक, दिवाली के त्योहार के दौरान देशभर में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है। इस अनुमान को तैयार करने के लिए संगठन ने होटल और बैंक्वेट एसोसिएशन, रेस्टोरेंट, मॉल, सिनेमा, शॉपिंग सेंटर, कार डीलर्स, मेकअप और सैलून, टूर एंड ट्रैवल, मार्केट और इंडस्ट्री एसोसिएशन सहित कई व्यापारिक संगठनों से बातचीत की है।

बृजेश गोयल का कहना है कि दिवाली के दौरान छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों तक को अच्छी बिक्री की उम्मीद है। इस मौके पर केवल जरूरी सामान ही नहीं, बल्कि गिफ्ट आइटम, सजावटी वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, मिठाई और घरेलू उपयोग के उत्पादों की भी खूब मांग रहती है।

एक अनुमान के अनुसार, दिवाली के दौरान देशभर में करीब 5 करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान होता है। इसमें छोटे बजट के गिफ्ट से लेकर महंगे और प्रीमियम उपहार तक शामिल हैं। गिफ्ट की यह खरीदारी भी त्योहार के कुल कारोबार में बड़ा योगदान देती है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी दिख रही जबरदस्त तेजी

दिवाली के दौरान सबसे ज्यादा उम्मीद जिन क्षेत्रों से है, उनमें ऑटोमोबाइल सेक्टर भी शामिल है। त्योहारों पर नई गाड़ी खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दौरान कार, बाइक, स्कूटर और अन्य वाहनों की बिक्री में तेजी देखने को मिलती है।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शीर्ष संगठन की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, वाहनों की कुल रिटेल बिक्री में 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अलग-अलग वाहन श्रेणियों में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है।

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक:

  • टू-व्हीलर की बिक्री में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

  • थ्री-व्हीलर की बिक्री में 110 प्रतिशत की वृद्धि।

  • कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

  • निजी वाहनों की बिक्री में 70 प्रतिशत की वृद्धि।

  • ट्रैक्टर की बिक्री में 58 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

इन आंकड़ों से त्योहारों के दौरान वाहन बाजार में मजबूत मांग का संकेत मिलता है। दिवाली पर शोरूम में होने वाली खरीदारी से ऑटोमोबाइल कारोबार को और गति मिलने की उम्मीद है।

इस बार भारतीय उत्पादों की खरीदारी पर रहेगा जोर

इस साल दिवाली के बाजार में भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की जा रही है। CTI के मुताबिक, देश में बने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, कारीगरों और छोटे उद्योगों को फायदा मिल सकता है।

दिवाली की सजावट और पूजा से जुड़े सामानों में मिट्टी के दीये, भगवान की मूर्तियां, दीवार पर लटकाने वाले सजावटी उत्पाद, हस्तशिल्प, शुभ-लाभ और ओम जैसे पारंपरिक प्रतीकों की मांग रहने की उम्मीद है।

इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश पूजा सामग्री, घर की सजावट के सामान और स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं की भी अच्छी बिक्री हो सकती है।

भारतीय उत्पादों की खरीदारी बढ़ने से स्थानीय बाजारों में पैसा पहुंचने के साथ छोटे कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

इन सामानों की खरीदारी से बाजारों में आएगी तेजी

दिवाली के दौरान कई ऐसे सेक्टर हैं, जिनमें बड़े कारोबार की संभावना जताई जा रही है। इनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल से लेकर महंगे उपभोक्ता उत्पाद तक शामिल हैं।

प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  1. इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल: मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज, टीवी, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बिजली के सामान।

  2. कपड़ा और फैशन: साड़ी, रेडीमेड कपड़े, ड्रेस मटेरियल, फैशन परिधान और होम फर्निशिंग।

  3. खानपान: मिठाई, नमकीन, ड्राई फ्रूट्स, किराना, खाद्यान्न, खाद्य तेल और डेयरी उत्पाद।

  4. घर की सजावट: फर्नीचर, सजावटी सामान, बर्तन, दीये, पूजा सामग्री और हस्तशिल्प।

  5. पर्सनल केयर: कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, घड़ियां और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं।

  6. ऑटोमोबाइल: कार, बाइक, स्कूटर, साइकिल और उनके एक्सेसरीज।

  7. निर्माण और हार्डवेयर: लकड़ी, प्लाईवुड, पेंट, कांच और बिल्डर्स हार्डवेयर।

इन सभी क्षेत्रों में दिवाली से पहले और त्योहार के दौरान बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।

दिल्ली में दिवाली पर 80 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान

देश की राजधानी दिल्ली के व्यापारियों को इस बार दिवाली से बड़ी उम्मीदें हैं। CTI के मुताबिक, दिल्ली में दिवाली के दौरान करीब 80 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है।

बृजेश गोयल के अनुसार, दिल्ली के व्यापारियों को 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच धरने-प्रदर्शनों और रैलियों के कारण लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ था। अब व्यापारी दिवाली की खरीदारी के जरिए इस नुकसान की भरपाई करना चाहते हैं।

दिल्ली के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने की बात कही जा रही है। चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग और वजीरपुर जैसे बाजारों में खरीदारी का माहौल है।

इसके अलावा पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, यूसुफ सराय, लाजपत नगर, प्रीत विहार, शाहदरा और लक्ष्मी नगर में भी ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।

मोबाइल, कपड़े, ड्राई फ्रूट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ी मांग

दिल्ली के बाजारों में दिवाली से जुड़ी खरीदारी के दौरान कई उत्पादों की मांग देखने को मिल रही है। ग्राहक मोबाइल फोन, गिफ्ट आइटम, सजावटी सामान, ड्राई फ्रूट्स, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और होम फर्निशिंग की खरीदारी कर रहे हैं।

इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के शोरूम में गाड़ियों की बिक्री भी अच्छी रहने की उम्मीद है। त्योहार के मौके पर नई कार और दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ने से डीलर्स को फायदा मिल सकता है।

कुल मिलाकर दिवाली का फेस्टिव सीजन देश के कारोबार के लिए अहम साबित हो सकता है। यदि व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक खरीदारी होती है तो देशभर में करीब 5 लाख करोड़ रुपये और दिल्ली में 80 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है। इससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट और सर्विस सेक्टर तक को फायदा मिलने की उम्मीद है।

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