Father-Daughter Theft:खबर इंडिया की।उत्तर प्रदेश के बिजनौर में Father-Daughter Theft का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक दुकान पर पिता अपनी बेटी के साथ ग्राहक बनकर पहुंचा। दोनों सामान्य ग्राहक की तरह दुकानदार से बातचीत करते रहे। इसके बाद पिता ने अपनी बेटी से दुकानदार के साथ अंदर जाकर खाद देखने को कहा। बेटी दुकानदार के साथ अंदर चली गई, जबकि पिता बाहर खड़ा रहा।
दुकानदार को इस दौरान जरा भी अंदाजा नहीं हुआ कि उसके साथ कुछ गलत होने वाला है। कुछ देर बाद जब वह वापस आया और दुकान का गल्ला खोला तो उसके होश उड़ गए। गल्ले में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये गायब थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो कथित तौर पर पिता-बेटी की ऐसी जोड़ी सामने आई, जो इसी तरीके से दुकानदारों को निशाना बनाती थी।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में बिजनौर के अलावा मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई जिलों में हुई घटनाओं से भी उनके तार जुड़ने की बात सामने आई है।
25 सितंबर को किसान सेवा केंद्र पहुंचे थे पिता-बेटी
मामला 25 सितंबर का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक चांदपुर क्षेत्र के जलीलपुर स्थित किसान सेवा केंद्र पर एक व्यक्ति अपनी बेटी के साथ पहुंचा था। दोनों ने सामान खरीदने की बात कहते हुए दुकानदार से बातचीत शुरू की।
इसी दौरान दुकान पर दूसरे ग्राहक भी पहुंच गए। ऐसे में दुकानदार का ध्यान स्वाभाविक रूप से अलग-अलग लोगों की तरफ जाने लगा। पुलिस का कहना है कि इसी स्थिति का कथित तौर पर फायदा उठाया गया।
पिता ने अपनी बेटी से दुकानदार के साथ अंदर जाकर खाद देखने के लिए कहा। बेटी दुकानदार के साथ अंदर चली गई, जबकि पिता बाहर ही मौजूद रहा। कुछ समय बाद दोनों वहां से चले गए।
उस वक्त दुकानदार को कोई खास शक नहीं हुआ। लेकिन बाद में जब उसने दुकान का गल्ला खोला तो उसमें रखी करीब डेढ़ लाख रुपये की रकम गायब थी। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी और दोनों संदिग्धों के बारे में जानकारी दी।
पिता बाहर, बेटी अंदर… ऐसा था कथित चोरी का तरीका
पुलिस की जांच में पिता-बेटी की कथित भूमिका अलग-अलग होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक बेटी दुकानदार से बातचीत करने या उसे दुकान के किसी हिस्से में ले जाने का काम करती थी, जबकि पिता बाहर रहकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था।
दुकानदार का ध्यान बातचीत या किसी दूसरे ग्राहक की तरफ जाते ही कथित तौर पर नकदी और कीमती सामान पर हाथ साफ किया जाता था।
पुलिस के अनुसार इस तरीके में पिता के साथ बेटी होने का फायदा भी मिलता था। सामान्य तौर पर किसी दुकानदार को यह अंदाजा नहीं होता कि उसके सामने खड़ा परिवार ही चोरी कर सकता है। इसी वजह से दोनों पर शुरुआती तौर पर शक कम होने की संभावना रहती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने इस तरीके को कब से अपनाया था और कितनी दुकानों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया।
CCTV फुटेज और मोटरसाइकिल बनी अहम कड़ी
डेढ़ लाख रुपये गायब होने के बाद किसान सेवा केंद्र के संचालक ने चांदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
दुकान के आसपास के कैमरों के अलावा उन संभावित रास्तों की भी फुटेज देखी गई, जिनसे संदिग्ध दुकान तक पहुंचे और फिर वहां से निकले।
जांच के दौरान पुलिस को एक मोटरसाइकिल और उस पर सवार दो लोगों की गतिविधियां महत्वपूर्ण लगीं। इसके बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल के आने-जाने के रास्ते और दोनों संदिग्धों की गतिविधियों को जोड़ना शुरू किया।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस दूसरे जिलों में हुई इसी तरह की घटनाओं की जानकारी भी जुटाने लगी। इससे पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
हेलमेट, मास्क और बिना नंबर की बाइक से पहचान छिपाने का दावा
पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों की पहचान योगेंद्र और लक्ष्मी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पिता-पुत्री हैं और लक्ष्मी की शादी भी हो चुकी है।
पुलिस का दावा है कि दोनों अलग-अलग जिलों में जाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर बाइक चलाते समय हेलमेट और मास्क का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक मोटरसाइकिल की पहचान छिपाने के लिए बिना नंबर की बाइक इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। यानी दुकान तक पहुंचने से लेकर वहां से निकलने तक पहचान छिपाने की कथित कोशिश की जाती थी।
हालांकि अलग-अलग जगहों की CCTV फुटेज को जोड़कर पुलिस ने दोनों संदिग्धों तक पहुंचने का दावा किया है।
मुरादाबाद से सहारनपुर तक जांच पहुंची
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में बिजनौर के अलावा मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई जिलों में हुई घटनाओं से भी दोनों के तार जुड़ने का दावा किया गया है।
अब पुलिस इन जिलों में दर्ज चोरी के मामलों की जानकारी जुटा रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या वहां भी दुकानदारों को इसी तरह ग्राहक बनकर निशाना बनाया गया था।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है या नहीं और कथित तौर पर चोरी की रकम या सामान को कहां खपाया जाता था।
दुकानदारों को पहले बातचीत में उलझाने का आरोप
पुलिस के अनुसार दोनों ऐसे दुकानदारों को कथित तौर पर निशाना बनाते थे, जो दुकान पर अकेले या कम लोगों के साथ रहते थे। पहले सामान्य ग्राहक बनकर बातचीत शुरू की जाती थी।
इसके बाद सामान खरीदने, कीमत पूछने या किसी अन्य बहाने से दुकानदार का ध्यान बातचीत में लगाया जाता। जैसे ही दुकानदार किसी दूसरे काम में व्यस्त होता, कथित तौर पर गल्ले या नकदी रखे स्थान को निशाना बनाया जाता।
इस पूरे तरीके में महिला के साथ होने का फायदा मिलने का भी पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के मुताबिक पिता और बेटी होने की वजह से दोनों पहली नजर में सामान्य ग्राहक नजर आते थे और दुकानदार को उन पर आसानी से शक नहीं होता था।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही अलग-अलग जिलों में हुई ऐसी घटनाओं की जानकारी जुटाकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पिता-बेटी की जोड़ी ने कथित तौर पर कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।














