उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली: India-UK FTA 2026 को लेकर भारत और ब्रिटेन ने बड़ा ऐलान किया है। दोनों देशों के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) अगले महीने 15 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगा। इस समझौते के प्रभावी होने के साथ ही कई उत्पादों पर आयात-निर्यात शुल्क में बड़ी कटौती देखने को मिलेगी। खासतौर पर स्कॉच व्हिस्की, ऑटोमोबाइल, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और कई अन्य वस्तुओं की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। अनुमान है कि इस करार से भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार में हर साल करीब 25.5 अरब पाउंड की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है।
India-UK FTA 2026 से दोनों देशों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ
भारत और ब्रिटेन ने इस समझौते को द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार, समझौते के लागू होने से पहले व्यवसायों को नई व्यापारिक शर्तों के अनुसार तैयारी करने के लिए 28 दिनों का समय दिया गया है।
ब्रिटेन का अनुमान है कि इस समझौते से उसकी अर्थव्यवस्था को करीब 4.8 अरब पाउंड का अतिरिक्त लाभ होगा। इसके साथ ही वास्तविक वेतन में लगभग 2.2 अरब पाउंड की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि यह भारत के साथ किया गया अब तक का सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौता है। इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि निवेश, रोजगार और औद्योगिक सहयोग को भी मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों में एक नया अध्याय बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाला यह समझौता व्यापार और निवेश को नई गति देगा। इसके माध्यम से किसानों, श्रमिकों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) तथा स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यह करार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए यह समझौता अहम साबित हो सकता है।
व्हिस्की पर 150% से घटकर 40% होगा टैरिफ
इस समझौते का सबसे अधिक असर स्कॉच व्हिस्की बाजार पर देखने को मिलेगा। वर्तमान में भारत में आयातित व्हिस्की पर 150 प्रतिशत तक का शुल्क लगाया जाता है।
India-UK FTA 2026 के तहत यह शुल्क घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इससे ब्रिटेन की स्कॉच व्हिस्की कंपनियों को भारतीय बाजार में बड़ी राहत मिलेगी।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि खुदरा स्तर पर कीमतों में कमी तुरंत दिखाई नहीं दे सकती, लेकिन लंबे समय में उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलने की संभावना है। इससे भारतीय बाजार में विदेशी ब्रांडों की उपलब्धता भी बढ़ सकती है।
ऑटोमोबाइल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी होंगे सस्ते
व्हिस्की के अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी इस समझौते से बड़ा फायदा मिलने वाला है। समझौते के तहत कोटा व्यवस्था में आने वाले वाहनों पर टैरिफ को 100 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा।
इससे ब्रिटेन में निर्मित कुछ प्रीमियम और लग्जरी कारों की कीमतों में कमी आने की संभावना है।
इसके अलावा ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स सहित कई अन्य उत्पादों पर लगने वाले 22 प्रतिशत तक के शुल्क को या तो तुरंत समाप्त किया जाएगा या अगले 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा।
इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प और प्रतिस्पर्धी कीमतों के रूप में मिल सकता है।
भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए अवसर
यह समझौता केवल ब्रिटेन को ही लाभ नहीं देगा, बल्कि भारतीय उद्योगों के लिए भी बड़े अवसर लेकर आएगा। ब्रिटेन भारतीय उत्पादों पर लगने वाले कई शुल्कों में कटौती करेगा।
इससे भारतीय कपड़ा उद्योग, जूता उद्योग और खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय कंपनियों को ब्रिटिश बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों की आय बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेष रूप से MSME सेक्टर और निर्यात आधारित उद्योगों को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है।
व्यापार और निवेश संबंधों में आएगी नई मजबूती
भारत और ब्रिटेन के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश निवेश, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
India-UK FTA 2026 को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक माहौल को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगा। साथ ही कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंचने का अवसर भी मिलेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। इससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
भारत और ब्रिटेन के बीच यह ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होकर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए एक नए दौर की शुरुआत करने जा रहा है।














