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जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, बादल फटने से 40 लापता

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश हो रही है। जिसका असर अब वहां के जनजीवन पर देखने को मिल रहा है। किश्तवाड़ जिले में बुधवार को तड़के बादल फटने से 40 से अधिक लोग लापता हो गए हैं। जिसके बाद राहत और बचाव अभियान जोरों पर है। अभी तक कई लोगों के शव मिल चुके हैं। 

बताया जा रहा है कि बुधवार तड़के किश्तवाड़ जिले के होंजर दचान गांव में बादल फट गया। जिसमें करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अभी तक 6 लोगों के शव निकाल लिए गए हैं। बचाव अभियान जारी है। 

जम्मू क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। जुलाई के अंत तक और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही किश्तवाड़ में अधिकारियों ने जलाशयों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है, नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो नदियों, नालों, जल निकायों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश से ज्यादातर नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ गया है और बादल फटने से भी जल निकायों पर असर पड़ा है। पहाड़ी इलाका होने की वजह से भूस्खलन होने का खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए जिला पुलिस किश्तवाड़ की तरफ हेल्प डेस्क भी लगाया गया है और लोगों को घर रहने के लिए कहा गया है।

साथ ही लोगों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इन नंबरों पर फोन करके लोग किसी भी मुश्किल में मदद मांग सकते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने किश्तवाड़ में बादल फटने के संबंध में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और डीजीपी से बात की है। एसडीआरएफ भी मौके पर पहुंच रही है। एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन की तरफ से बचाव अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाना है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर कहा कि केंद्र सरकार किश्तवाड़ और कारगिल में बादल फटने के बाद से स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह सभी लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहे हैं।

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