उमाकांत त्रिपाठी। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की एक बड़ी रणनीति सामने आई है। पार्टी के अंदरखानों की मानें तो बीजेपी गैर राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले 25-40 साल के युवाओं को प्रत्याशी बनाएगी। इसके अलावा पार्टी संभावित उम्मीदवारों के सिलेक्शन को लेकर जल्द ही प्रभारी नियुक्त करेगी। ये प्रभारी विधानसभा के हिसाब से प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा चुनाव से पहले पार्टी के एक अनुभवी नेता को प्रत्याशियों का पैनल तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपेगी। इनका काम संबंधित विधानसभा से दो-तीन ऐसे युवा उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार करना होगा। पैनल सिर्फ उन्हीं लोगों को ढूंढेंगे जिनकी सियासी विरासत नहीं हो।
ऐसे लोगों पर रहेगी पार्टी की निगाह
दरअसल बीजेपी की नजर स्पोर्ट्स, ऑर्ट्स, सोशल वर्कस पर है। पार्टी ने घाटी में ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार की है, जिन्हें न सिर्फ केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिला है, बल्कि उन्होंने दूसरे लोगों को भी इन योजनाओं से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार (16 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित कर दी। इसके तुरंत बाद पार्टी ने सभी राज्यों के महासचिवों और प्रदेश अध्यक्षों की दिल्ली में बैठक भी बुलाई थी। बैठक में इन दोनों ही राज्यों के चुनाव तैयारियों और रणनीति को लेकर चर्चा हुई। जम्मू-कश्मीर में आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ। 2014 से 2024 के बीच यहां बहुत कुछ बदल चुका है। 20 दिसंबर 2018 से यहां राष्ट्रपति शासन लागू है। 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।
जीत के इरादे से उतरेगी पार्टी
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में पार्टी जीत के इरादे से चुनाव मैदान में उतरेगी। सिर्फ जम्मू क्षेत्र में नहीं बल्कि घाटी में भी पार्टी पूरी ताकत लगाएगी। बीजेपी महासचिव तरुण चुग का कहना है कि घाटी में ऐसे युवाओं की बड़ी तादाद है जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में मजबूत यकीन रखते हैं। सूत्रों का कहना है कि चूंकि इस बार घाटी की दोनों प्रमुख दल एनसी और पीडीपी चुनाव को लेकर मुखर नहीं हैं। ऐसे में इस बात की संभावना अधिक है कि ज्यादा से ज्यादा ऐसे लोग चुनाव में उतरेंगे जो, घाटी की पुरानी सियासत को बदल कर विकास के रास्ते पर चलना चाहते हैं।













