नई दिल्ली: NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने Telegram प्लेटफॉर्म पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही 30 जून तक Telegram के मैसेज एडिट फीचर को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यह कदम परीक्षा से जुड़े किसी भी प्रकार के पेपर लीक, नकल गिरोह या गलत सूचना के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। 21 जून को होने वाली नीट यूजी की दोबारा परीक्षा के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
क्यों कराई जा रही है NEET UG की दोबारा परीक्षा?
नीट यूजी 2026 देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। लाखों छात्र इस परीक्षा के माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश प्राप्त करते हैं।
मई 2026 में आयोजित परीक्षा के दौरान कुछ प्रश्नों के कथित लीक होने और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
सरकार और NTA का कहना है कि सभी छात्रों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसी कारण री-एग्जाम को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित किया जा रहा है।
Telegram पर रोक क्यों लगाई गई?
हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पेपर लीक या फर्जी सूचनाओं के प्रसार के मामले सामने आए हैं। Telegram विशेष रूप से बड़े समूहों और चैनलों के कारण चर्चा में रहा है।
केंद्र सरकार को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने या अफवाह फैलाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर सकते हैं।
इसी वजह से सरकार ने 22 जून तक Telegram पर अस्थायी रोक लगाने और 30 जून तक मैसेज एडिट फीचर बंद रखने का फैसला किया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी और तकनीकी नियंत्रण आज के समय में परीक्षा सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को बनाया अभेद्य
21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने हाल ही में NTA अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, छेड़छाड़ या बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता ली जाएगी।
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर CRPF और CISF के जवान तैनात किए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारियों को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है।
छात्रों के लिए NTA ने किए महत्वपूर्ण बदलाव
री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को राहत देने के लिए NTA ने कई अहम बदलावों की घोषणा की है।
परीक्षा अवधि में बदलाव
इस बार परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। कुल 195 मिनट की अवधि में परीक्षा से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं भी शामिल होंगी।
छात्रों की शिकायत थी कि परीक्षा शुरू होने और समाप्त होने की प्रक्रियाओं के कारण वास्तविक परीक्षा समय प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय की व्यवस्था की गई है।
अतिरिक्त 15 मिनट का लाभ
NTA ने छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। इससे उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने में अधिक सुविधा मिलेगी और समय प्रबंधन का दबाव कम होगा।
रफ वर्क के लिए अधिक जगह
इस बार प्रश्न पुस्तिका में रफ कार्य के लिए उपलब्ध पृष्ठों की संख्या दोगुनी कर दी गई है।
पहले छात्रों को केवल 2 पृष्ठ दिए जाते थे, जबकि अब 4 पृष्ठ उपलब्ध होंगे। इससे गणना आधारित प्रश्नों और जटिल समस्याओं को हल करने में आसानी होगी।
छात्रों और अभिभावकों की उम्मीदें बढ़ीं
री-एग्जाम को लेकर छात्रों और अभिभावकों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ उम्मीदवारों का मानना है कि दोबारा परीक्षा से उन्हें निष्पक्ष अवसर मिलेगा, वहीं कुछ छात्रों ने परीक्षा दोबारा होने से मानसिक दबाव बढ़ने की बात भी कही है।
हालांकि अधिकांश अभिभावकों का कहना है कि यदि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए री-एग्जाम जरूरी है, तो यह कदम उचित है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया ही छात्रों के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
NEET UG Re-Exam 2026 को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार और NTA ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। Telegram पर अस्थायी रोक, सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती, अतिरिक्त परीक्षा समय और नई सुविधाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं चाहती।
21 जून को होने वाली परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को केवल अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।














