दुनियान्यूज़भारतराजनीतिहेडलाइंस

बांग्लादेश हिंसा को लेकर सख्त हुई मोदी सरकार, पीएम मोदी से मिलने पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, देंगे ब्रीफिंग!

उमाकांत त्रिपाठी।विदेश मंत्री एस जयशंकर G7 समिट आउटरीच में हिस्सा लेने के बाद इटली से स्वदेश लौट आए हैं. भारत लौटने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस बारे में चर्चा की है. बताया जा रहा है कि पीएम और विदेश मंत्री की ये बैठक संसद में चल रही है.सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी बैठक में विदेश मंत्री से बांग्लादेश में उभरते हालातों को लेकर भी चर्चा होने की संभावनाएं हैं.वहीं, बांग्लादेश में इस्कॉन की एक्टिविटी पर बैन लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों पर बांग्लादेश के हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत:संज्ञान लेते हुए इस्कॉन की एक्टिविटी पर बैन लगाने से का आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है.

बांग्लादेश में इस्कॉन यूनिट का यू-टर्न
बांग्लादेश इस्कॉन यूनिट ने चिन्मय प्रभु के बयान से यू-टर्न ले लिया है. उनके बयान का उनका निजी विचार करार दिया है. बांग्लादेश इस्कॉन के महासचिव चारु चंद्र दास ने संगठन को चिन्मय प्रभु दास से अलग कर लिया है. उन्होंने कहा कि इस्कॉन बांग्लादेश उनके शब्दों या कार्यों की जिम्मेदारी नहीं लेगा. चिन्मय कृष्ण दास इस्कॉन बांग्लादेश के प्रवक्ता नहीं हैं और इसलिए उनकी टिप्पणी पूरी तरह से उनकी निजी है. चारु चंद्र दास ने आज सुबह ढाका में एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही हैं.

सनातन संस्था दाखिल करेगी जमानत याचिका
वहीं, रविवार को सनातन संस्था चिन्मय दास की जमानत के लिए चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल करेगी. साथ ही अगर वहां से याचिका खारिज होती है तो वह हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं.

इस्कॉन को बैन करने की हो रही है साजिश
बीते दिनों हिंदू धर्मगुरु और इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास को ढाका से गिरफ्तार कर लिया गया और फिर मंगलवार को चटगांव की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर जेल भेज दिया. इसके बाद से ही बांग्लादेश में हालात और बिगड़ गए हैं. बांग्लादेश नेशनल हिंदू ग्रैंड एलांयस के महासचिव मृत्युंजय कुमार रॉय ने कहा कि- बांग्लादेश में इस्कॉन को बैन करने की साजिश रची जा रही है.

अदालत द्वारा उन्हें जमानत देने से इनकार करने और मंगलवार को कारावास का आदेश देने के बाद दास के अनुयायियों ने विरोध करना शुरू कर दिया, जिससे उन्हें जेल ले जाने वाली वैन की आवाजाही बाधित हो गई. पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प करने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और बीजीबी सैनिकों ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद 10 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 37 लोग घायल हो गए.अंतरिम सरकार ने पिछले महीने आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत हसीना की अवामी लीग पार्टी की छात्र विंग बांग्लादेश छात्र लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था.

 

निशाने पर हैं अल्पसंख्यक
आपको बता दें कि- बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू जो कि 170 मिलियन आबादी का महज 8 प्रतिशत हैं. 5 अगस्त को शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन के बाद से हिंदुओं को 50 जिलों में 200 से ज्यादा हमलों का सामना करना पड़ा है.

Related Posts

1 of 814

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *