उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे का आज दूसरा दिन है। मस्कट पहुंचे पीएम मोदी ने भारत-ओमान बिजनेस समिट के दौरान कहा कि हमारे रिश्ते भरोसे की नींव पर बने हैं, दोस्ती की ताकत से आगे बढ़े हैं और समय के साथ और गहरे हुए हैं।
आज हमारे डिप्लोमैटिक रिश्तों को 70 साल हो गए हैं। यह सिर्फ 70 साल का जश्न नहीं है, यह एक मील का पत्थर है, जहां हमें अपनी सदियों पुरानी विरासत को एक खुशहाल भविष्य की ओर ले जाना है।मस्कट में कम्युनिटी प्रोग्राम में मिले उत्साह को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय डायस्पोरा भारत और ओमान को करीब लाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह फोरम हमारे बिजनेस संबंधों में नई ऊर्जा डालेगा और विकास के नए अवसर खोलेगा।
भारतीय स्कूलों में है 46 हजार छात्र
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि- भारत-ओमान के बीच जो रिश्ता ट्रेड से शुरू हुआ था, आज उसको एजुकेशन सशक्त कर रही है। मुझे बताया गया है कि यहां के भारतीय स्कूलों में करीब 46 हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें ओमान में रहने वाले अन्य समुदायों के भी बच्चे शामिल हैं। ओमान में भारतीय शिक्षा के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। ये हम दोनों देशों के संबंधों का एक बहुत बड़ा पड़ाव है।
आज हम सब भारत-ओमान मैत्री पर्व मना रहे हैं
M समुद्री विरासत
A आकांक्षाएं
I इनोवेशन
T विश्वास और टेक्नोलॉजी
R सम्मान
I समावेशी विकास
यानी ये “मैत्री पर्व” दोनों देशों की दोस्ती, हमारी shared history और prosperous future का उत्सव है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि- हम भारतीय कहीं भी जाएं या रहें, हम हमेशा विविधता का सम्मान करते हैं। हम अपने नए माहौल की संस्कृति और रीति-रिवाजों को आसानी से अपना लेते हैं। यहां ओमान में, मैंने यह खुद देखा है। भारतीय समुदाय एक साथ रहने और सहयोग का जीता-जागता उदाहरण है। हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को हाल ही में तब सम्मान मिला जब यूनेस्को ने दिवाली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किया।
पीएम मोदी लेंगे ऐतिहासिक निर्णय
ओमान में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि- आज हम एक ऐसा ऐतिहासिक निर्णय ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौत (Comprehensive Economic Partnership Agreement) हमारी पार्टनरशिप को 21वीं सदी में नया विश्वास, नई ऊर्जा देगा। ये हमारे साझा भविष्य का ब्लू प्रिंट है। ये हमारी ट्रेड को नई गति देगा, इंवेस्टमेंट को नया भरोसा देगा और हर सेक्टर में अवसरों के नए द्वार खोलेगा।
हम उस विरासत के वारिस हैं…
आज भारत और ओमान के बिजनेस हमारे ट्रेड को रिप्रेजेंट करते हैं। आप उस विरासत के वारिस हैं, जिसका सदियों का एक समृद्ध इतिहास रहा है। सभ्यता के आरंभ से ही हमारे पूर्वज एक-दूसरे के साथ मैरिटाइम ट्रेड कर रहे थे।
अक्सर कहा जाता है कि- समुद्र के दो किनारे बहुत दूर होते हैं, लेकिन मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर एक मजबूत ब्रिज बना है। एक ऐसा ब्रिज जिसने हमारे रिश्तों को मजबूत किया, कल्चर और इकोनॉमी को ताकत दी। आज हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि समुद्र की लहरें बदलती हैं, मौसम बदलते हैं, लेकिन भारत और ओमान की दोस्ती हर मौसम में और मजबूत होती है।














