उमाकांत त्रिपाठी। आज पूर्वोत्तर भारत के लिए एक विशेष दिन है। मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा अपने स्थापना दिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तीनों राज्यों के लोगों को शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत न केवल अपनी सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह क्षेत्र देश की प्रगति में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के नागरिक अपने समर्पण और कड़ी मेहनत से भारत की विकास यात्रा को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मणिपुर आने वाले समय में निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर का खेलों के प्रति जुनून, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव वास्तव में उल्लेखनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य की युवा पीढ़ी खेल, शिक्षा और नवाचार के माध्यम से देश का नाम और रोशन करेगी।
मेघालय के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य की जनता ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक जीवंतता और प्राकृतिक सौंदर्य की पूरे देश में सराहना की जाती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मेघालय भविष्य में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और पर्यटन, शिक्षा तथा सतत विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।
त्रिपुरा के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य परंपरा और आधुनिकता के सुंदर मेल का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा ने हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखे हैं और यहां के लोग भारत की विकास यात्रा को गति दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि त्रिपुरा आने वाले समय में और अधिक समृद्धि प्राप्त करे और विकास की नई इबारत लिखे।
प्रधानमंत्री मोदी के संदेश ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।














