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खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे पीएम मोदी? ईरान ने दिया न्योता, जनाजे में शामिल होंगे 2 करोड़ लोग

उमाकांत त्रिपाठी।PM Modi Khamenei Funeral को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। ईरान के राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आधिकारिक निमंत्रण भेजा है। हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं। रिपोर्टों के अनुसार अंतिम संस्कार समारोह जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा और इसमें दुनिया भर के कई राष्ट्राध्यक्षों व प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने की संभावना है।

खामेनेई के निधन के बाद ईरान में शोक का माहौल है और अंतिम संस्कार को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जनाजे में करोड़ों लोगों की भीड़ जुट सकती है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े अंतिम संस्कार समारोहों में से एक बन सकता है।

ईरान ने क्यों भेजा पीएम मोदी को विशेष निमंत्रण?

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और चाबहार पोर्ट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निमंत्रण का उद्देश्य भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करना भी हो सकता है। ईरान वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर नए सहयोगियों और रणनीतिक साझेदारों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

क्या पीएम मोदी समारोह में शामिल होंगे?

फिलहाल नई दिल्ली की ओर से इस निमंत्रण पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत सरकार विभिन्न कूटनीतिक और सुरक्षा पहलुओं पर विचार कर रही है। अंतिम निर्णय आने वाले दिनों में लिया जा सकता है।

यदि प्रधानमंत्री मोदी इस समारोह में शामिल होते हैं तो यह हाल के वर्षों में भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जाएगा। वहीं यह भी संभव है कि भारत अपनी ओर से किसी वरिष्ठ मंत्री या उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को भेजे।

कब और कहां होगा अंतिम संस्कार?

रिपोर्ट्स के अनुसार अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से 9 जुलाई के बीच आयोजित किए जाएंगे। समारोह ईरान की राजधानी तेहरान, धार्मिक शहर क़ोम और अंत में मशहद में संपन्न होगा, जहां अंतिम दफन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ईरानी प्रशासन ने इन कार्यक्रमों को लेकर बड़े पैमाने पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी शुरू कर दी है। कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को भी निमंत्रण भेजे गए हैं।

दुनिया की नजर इस समारोह पर क्यों?

अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान की राजनीति और धार्मिक नेतृत्व के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे हैं। तीन दशक से अधिक समय तक उन्होंने ईरान का नेतृत्व किया और देश की विदेश नीति, सुरक्षा रणनीति तथा क्षेत्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद ईरान के भविष्य और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पूरी दुनिया की नजर इस देश पर टिकी हुई है।

ऐसे में उनका अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक या राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत समेत कई देशों की भागीदारी इस बात का संकेत होगी कि आने वाले समय में ईरान के साथ उनके संबंध किस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

भारत-ईरान संबंधों पर क्या पड़ेगा असर?

भारत और ईरान के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा, मध्य एशिया तक पहुंच और चाबहार बंदरगाह परियोजना जैसे मुद्दों पर दोनों देशों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में यदि प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से इस समारोह में शामिल होते हैं तो इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जाएगा।

फिलहाल सभी की नजर भारत सरकार के अंतिम निर्णय पर है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं ईरान जाएंगे या भारत की ओर से कोई अन्य प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल होगा।

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