उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को भारत-यूरोप संबंधों में स्वर्ण युग लाने वाला बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्पेन के राष्ट्रपति के साथ हुई बैठक में दोनों देशों के बीच दोस्ती बढ़ाने, खासकर रक्षा, सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
भारत-यूरोप संबंध पर क्या बोले पीएम मोदी
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि- यूरोपीय एफटीए से भारत और स्पेन के बीच आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। दोनों नेताओं ने टाटा-एयरबस सहयोग के तहत सी-295 परिवहन विमान की अंतिम असेंबली लाइन की सफलता का भी स्वागत किया। उन्होंने भारत-स्पेन डुअल ईयर ऑफ कल्चर, टूरिज्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने सह-निर्माण और सह-उत्पादन आधारित रक्षा सहयोग को भी भविष्य की दिशा बताया।
आपको बता दें कि- स्पेन के राष्ट्रपति इस आधिकारिक दौरे पर 18 से 19 फरवरी तक भारत में हैं। सांचेज ने समिट के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि- इसके परिणाम वैश्विक एआई गवर्नेंस को आकार देने में मदद करेंगे। उन्होंने शिक्षा में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की, खासकर भारत की नई शिक्षा नीति के तहत।
पीएम मोदी और सांचेज के बीच बैठक
पीएम मोदी और सांचेज ने पर्यटन, व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार, जलवायु और नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, अंतरिक्ष, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने स्पेनिश विश्वविद्यालयों और संस्थानों को एसटीईएम और तकनीकी क्षेत्रों में भारत में कैंपस खोलने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों, आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग, और स्पेन के भारत-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने की बात पर भी चर्चा की।
फिनलैंड के पीएम के साथ बैठक में क्या-क्या?
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के साथ भी बैठक की। उन्होंने एफटीए के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भारत-फिनलैंड व्यापार को दोगुना करना चाहते हैं। दोनों नेताओं ने 6G, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, बायोफ्यूल, सर्कुलर इकोनॉमी और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने डिजिटलाइजेशन और सतत विकास को भविष्य की आर्थिक वृद्धि के लिए अहम बताया और टेक्नोलॉजी कंपनियों के आपसी निवेश का स्वागत किया। उन्होंने वैश्विक शासन और सहयोग के मुद्दों पर भी विचार साझा किए।












