उमाकांत त्रिपाठी। PM Modi Monsoon Session 2026 की शुरुआत के साथ ही संसद का माहौल पूरी तरह राजनीतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित दिखाई दिया। मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के हंस द्वार पर मीडिया को लगभग 15 मिनट तक संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने संसद की गरिमा, सार्थक चर्चा, युवाओं की उपलब्धियों, भारत की आर्थिक प्रगति और नई तकनीकों के विकास पर विस्तार से बात की। इसी दौरान उन्होंने Green Hydrogen Train, भारत के निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप Skyrout और देश की तेज आर्थिक विकास दर का उल्लेख करते हुए सांसदों से सकारात्मक और तथ्यपूर्ण चर्चा करने की अपील की।
उधर, प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले राज्यसभा में NEET पेपर लीक का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। विपक्ष ने सरकार को कई राष्ट्रीय मुद्दों पर घेरने की कोशिश की, जबकि सरकार ने विकास और सकारात्मक एजेंडे को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
संसद शुरू होने से पहले PM मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत मानसून और मानसून सत्र की तुलना से की। उन्होंने कहा कि यदि मानसून और मानसून सत्र दोनों “प्रो-एक्टिव” हों तो दोनों ही देश के लिए “प्रोडक्टिव” साबित होते हैं।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और यहां हर दल के सांसदों के पास वर्षों का अनुभव है। ऐसे में सभी दलों को तर्क, तथ्य और सकारात्मक सोच के साथ चर्चा करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में हर आवाज का सम्मान होना चाहिए और सभी सांसदों को मिलकर देश के विकास के लिए चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे सदन की कार्यवाही को रचनात्मक दिशा दें।
उन्होंने कहा कि आज भारत नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और संसद का यह सत्र उस ऊर्जा को और मजबूत बना सकता है।
Green Hydrogen Train और विकास पर PM मोदी का जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की हालिया विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में राजस्थान में देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की गई है। इसके अलावा भारत ने Green Hydrogen Train की शुरुआत भी कर दी है।
प्रधानमंत्री के अनुसार दुनिया के बहुत कम देशों में ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन संचालित हो रही है और भारत की यह ट्रेन अपनी क्षमता और लंबाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत के इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, श्रमिकों और युवाओं की मेहनत का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत नई तकनीकों और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार बनेगा।
Skyrout Startup की सफलता का किया जिक्र
PM Modi Monsoon Session 2026 के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धि का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत के निजी स्टार्टअप Skyrout ने अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस स्टार्टअप में काम करने वाले युवाओं की औसत आयु केवल 28 वर्ष है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं की क्षमता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
इसी दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वह किसी “56 साल के नौजवान” की बात नहीं कर रहे हैं। इस टिप्पणी को राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा गया।
हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन यह बयान दिनभर राजनीतिक चर्चा का विषय बना रहा।
भारत की आर्थिक मजबूती पर भी बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक चुनौतियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया ने कई संकट देखे हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियां, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी समस्याएं सामने आईं।
इसके बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत लगभग 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल करने वाला प्रमुख देश बना है। उन्होंने इसे देश के नागरिकों, उद्योगों और सरकार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि भारत लगातार दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
संसद में विपक्ष ने उठाए कई अहम मुद्दे
जहां प्रधानमंत्री ने सकारात्मक चर्चा की अपील की, वहीं संसद के पहले दिन विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
राज्यसभा में NEET पेपर लीक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। विपक्षी नेताओं ने छात्रों के आंदोलन और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर चर्चा की मांग की।
लोकसभा में भी विभिन्न विपक्षी दलों ने अलग-अलग राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
हालांकि सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि सभी विषयों पर संसदीय नियमों के तहत उचित समय पर चर्चा कराई जाएगी।
संसद से क्या उम्मीदें?
मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सरकार जहां आर्थिक सुधार, ऊर्जा, तकनीक, रोजगार और विकास से जुड़े एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं विपक्ष शिक्षा, महंगाई, कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संसद में प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप तथ्य और तर्क आधारित चर्चा होती है तो कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य समय पर पूरे हो सकते हैं।
PM Modi Monsoon Session 2026 के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के माध्यम से देश को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया। उन्होंने युवाओं की उपलब्धियों, Green Hydrogen Train, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की सफलता और भारत की आर्थिक मजबूती का उल्लेख करते हुए सभी सांसदों से रचनात्मक और सार्थक चर्चा का आग्रह किया। अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि संसद का मानसून सत्र सरकार और विपक्ष के बीच किस दिशा में आगे बढ़ता है।














