उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के पावन अवसर पर मां भगवती की स्तुति करते हुए सोशल मीडिया पर एक संस्कृत श्लोक साझा किया। PM Modi Navratri Message में सामूहिक कल्याण, सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना का भाव दिखाई देता है। प्रधानमंत्री ने श्रीदुर्गासप्तशती के चौथे अध्याय में वर्णित शक्रादि स्तुति के श्लोक के माध्यम से मां अम्बिका की महिमा का स्मरण किया।
इस श्लोक में देवी को समस्त संसार की आधारभूत शक्ति और सभी देवताओं की शक्तियों का स्वरूप बताया गया है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। ऐसे में इस स्तुति का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी विशेष माना जाता है।
पीएम मोदी ने शेयर किया मां भगवती का संस्कृत श्लोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीदुर्गासप्तशती के चौथे अध्याय की शक्रादि स्तुति से यह श्लोक साझा किया:
“देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥”
इस स्तुति में मां अम्बिका को संपूर्ण जगत में व्याप्त परम शक्ति के रूप में नमन किया गया है। श्लोक का भाव सभी के जीवन में शुभता, सुख और कल्याण की कामना करना है।
क्या है श्लोक का अर्थ?
इस संस्कृत श्लोक का भावार्थ है कि जिन देवी की आत्मशक्ति से पूरा संसार व्याप्त है और जिनमें समस्त देवताओं की शक्तियां समाहित हैं, उन मां अम्बिका को हम श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। देवता और महर्षि भी उनकी पूजा करते हैं। वे मां अम्बिका हम सभी का कल्याण करें और जीवन में शुभता प्रदान करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्तुति देवी की उस महिमा का वर्णन करती है, जिसमें उन्हें संसार की रक्षा करने वाली सर्वोच्च शक्ति माना गया है। मां भगवती की आराधना को भक्त शक्ति, साहस और सकारात्मकता प्राप्त करने का माध्यम मानते हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, संयम और साधना की प्रतीक हैं।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप शांत, तेजस्वी और ज्योतिर्मय माना जाता है। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल रहता है। उन्हें तपश्चारिणी, अपर्णा और उमा जैसे नामों से भी जाना जाता है।
भक्त मानते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से आत्मबल, धैर्य और संयम की भावना मजबूत होती है। उनकी पूजा व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है।
मां दुर्गा की आराधना में छिपा है शक्ति और कल्याण का संदेश
नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। इन नौ दिनों में भक्त पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
श्रीदुर्गासप्तशती में देवी की महिमा, शक्ति और दुष्ट शक्तियों पर विजय का वर्णन मिलता है। शक्रादि स्तुति में देवताओं की ओर से देवी की स्तुति की गई है। धार्मिक परंपरा में इस स्तुति को मां भगवती के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से साझा किया गया यह श्लोक नवरात्रि के अवसर पर मां भगवती के प्रति आस्था और सभी के कल्याण की कामना को सामने रखता है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना के साथ भक्त सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना करते हैं।
(इनपुट: एजेंसी)















