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PM Modi Slovakia Visit: स्लोवाकिया में ‘ब्रेड और नमक’ से हुआ पीएम मोदी का स्वागत, 33 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक यात्रा

उमाकांत त्रिपाठी। PM Modi Slovakia Visit इस समय अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति की दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम यूरोपीय देश स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। खास बात यह रही कि स्लोवाकिया की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी को ‘ब्रेड और नमक’ भेंट किया गया, जो वहां सम्मान, मित्रता और सद्भावना का प्रतीक माना जाता है।

यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला आधिकारिक दौरा है। इस यात्रा से भारत और स्लोवाकिया के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्लोवाकिया में क्यों खास है ‘ब्रेड और नमक’ की परंपरा?

ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री युराय ब्लानार ने किया। स्वागत समारोह में उन्हें पारंपरिक रूप से ब्रेड और नमक भेंट किया गया।

स्लोवाक संस्कृति में ‘ब्रेड और नमक’ सम्मान और आतिथ्य का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा सदियों पुरानी स्लाव संस्कृति का हिस्सा है और आमतौर पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, विशिष्ट मेहमानों और नवविवाहित जोड़ों के स्वागत में निभाई जाती है।

ब्रेड समृद्धि, खुशहाली और जीवनयापन का प्रतीक है, जबकि नमक मित्रता, विश्वास और लंबे समय तक बने रहने वाले रिश्तों का संकेत माना जाता है। इस रस्म के दौरान अतिथि ब्रेड का छोटा टुकड़ा तोड़कर नमक में डुबोकर खाता है, जो मेजबान और अतिथि के बीच सम्मान और विश्वास का संदेश देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यह स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मित्रता के मूल्यों को दर्शाती है।

33 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक दौरा

विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-स्लोवाकिया संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। मंत्रालय के अनुसार यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खोलेगा और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इसलिए भी विशेष है क्योंकि करीब 33 वर्षों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया पहुंचा है। इस दौरान प्रधानमंत्री की स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यक्रम तय है।

इन बैठकों में व्यापार, निवेश, नवाचार, ऑटोमोबाइल निर्माण, रेलवे विकास, तकनीक और रणनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति दे सकती है।

ब्रातिस्लावा में गूंजा ‘वंदे मातरम्’

प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत समारोह का एक और खास आकर्षण स्लोवाक सांस्कृतिक समूह ‘लुस्निका एंसेम्बल’ की प्रस्तुति रही। कलाकारों ने भारतीय राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में मौजूद कलाकारों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। कई कलाकारों ने भारतीय संस्कृति और लोगों के प्रति अपने लगाव का भी उल्लेख किया।

यह वही सांस्कृतिक समूह है जिसने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान भारतीय राष्ट्रगान प्रस्तुत किया था। इससे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों की गहराई भी दिखाई देती है।

भारत से प्रेरित है ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’

स्वागत समारोह में स्लोवाक संगीत समूह ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’ की प्रस्तुति ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समूह के संस्थापक और प्रसिद्ध ड्रमर मारेक जिलिनेच ने बताया कि भारत यात्रा के दौरान उन्हें भारतीय मंत्र संगीत और आध्यात्मिक धुनों से प्रेरणा मिली थी।

उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराओं ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया, जिसके बाद उन्होंने इस संगीत समूह की स्थापना की। प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का विषय रहा।

भारतीय समुदाय ने भी किया जोरदार स्वागत

ब्रातिस्लावा में भारतीय समुदाय के लोगों ने भी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग होटल के बाहर पहुंचे और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘वंदे मातरम्’ के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका की सराहना की। कई लोगों ने इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।

भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

ब्रातिस्लावा में दिखा गर्मजोशी भरा स्वागत इस बात का संकेत है कि भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। आने वाले समय में व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग और बढ़ने की संभावना है।

इस ऐतिहासिक दौरे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत की वैश्विक कूटनीति लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है और दुनिया के विभिन्न देशों के साथ उसके रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रहे हैं।

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