उमाकांत त्रिपाठी।आपने अक्सर ये सुना होगा कि लड़का लड़की को भगाकर ले गया, लेकिन पंजाब के तरनतारन में अनोखा मामला सामने आया। जहां एक लड़की को दूसरी लड़की ही भगाकर ले गई। जो लड़की भागी, वह कुछ दिन बाद ही दुल्हन बनने वाली थी। जब इस मामले का दूल्हे को पता चला तो उसने रिश्ता तोड़ दिया।
दोनों लड़कियां इकट्ठे स्कूल में पढ़ती थीं, हालांकि- उनके बीच सहेलियों का नहीं बल्कि गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड का रिश्ता बन गया था। इसके बारे में परिवार को दोनों के घर से भागने के बाद पता चला। दुल्हन के एक परिजन ने कहा कि उसे भगाने वाली सहेली ने धमकी दी थी कि मेरी बेटी उसकी गर्लफ्रेंड है। मैं लड़का हूं और हम दोनों शादी करेंगे। हालांकि उन्होंने तब इसे मजाक समझा था।
अब परिवार परेशान है, क्योंकि कर्ज उठाकर उसके लिए दहेज का सामान इकट्ठा किया था, शादी के कार्ड भी बांट दिए थे लेकिन अब पूरे समाज में बेइज्जती हो रही है। पुलिस भी दोनों को बालिग बताकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। 2 लड़कियों के समलैंगिक रिश्ते से जुड़ा ये पूरा मामला क्या है? पूरी रिपोर्ट पढ़िए…
3 साल से इकट्ठे पढ़ रहीं थी, ज्यादा समय साथ बितातीं: लड़की लखविंदर का परिवार तरनतारन के मुरादपुरा में रहता है। 3 साल पहले उनके पड़ोस में सुनीता राटा नाम की लड़की और उसका परिवार रहने आया। दोनों एक ही क्लास में पढ़ने लगीं। दोनों स्कूल साथ जातीं, घर भी इकट्ठे ही आतीं। दोनों का काफी समय साथ बीतता। परिवार ने समझा, दोनों की दोस्ती गहरी है, इसलिए ऐसा होगा।
सुनीता ने अपना नाम राटा रखा, लड़कों की तरह रहती : परिवार के मुताबिक, लखविंदर जहां पूरी तरह लड़की बनकर रहती थी। सुनीता खुद को लड़का और अपना नाम राटा बताती थी। वह हमेशा लड़कों की तरह ही कपड़े पहनती थी। फिर भी उसके लड़की होने की वजह से न तो उसके और न ही लखविंदर के परिवार को दोनों के रिश्ते को लेकर कोई शक हुआ। इस वजह से उनके बीच के रिश्तों में कभी कोई दिक्कत नहीं आई।
बेटी की पढ़ाई पूरी हुई तो परिवार ने रिश्ता तय किया : इसी बीच लखविंदर की 12वीं की पढ़ाई पूरी हो गई। वह बालिग हो गई तो परिवार ने अमृतसर के खडूर साहिब में उसका रिश्ता तय कर दिया। शादी की तारीख भी 13-14 जनवरी 2026 को फिक्स हो गई। लखविंदर की मां बताती हैं कि जब रिश्ता हुआ तो उन्होंने कर्ज लिया। दहेज के लिए वाशिंग मशीन, गहने समेत अन्य सामान इकट्ठा किया। शादी के कार्ड छपवाए, उन्हें भी रिश्तेदारों और परिचितों में बांट दिया गया। शादी की तैयारियां जोरों से चल रहीं थीं।
खाना खा रही थी लखविंदर, राटा ने आवाज मारकर बुलाया: लखविंदर की मां बताती हैं कि इस रिश्ते के बारे में किसी से हमें कुछ पता नहीं चला। न ही लखविंदर या सुनीता ने कुछ बताया। मगर, जैसे-जैसे शादी के दिन नजदीक आने लगे, उन्होंने घर से फरारी का प्लान बना लिया। 24 दिसंबर को लखविंदर खाना खा रही थी। इसी बीच नुक्कड़ से सुनीता ने उसे आवाज लगाई। वह मिलने की बात कहकर निकली और फिर घर नहीं लौटी।
हमें लगा घूमने गई होंगी, कैश-गहने भी ले गई : लखविंदर की मां ने कहा- पहले तो हमने समझा कि कहीं घूमने गई होंगी लेकिन उनसे फोन पर भी कोई संपर्क नहीं हो रहा था। इससे हमारी चिंता बढ़ गई। घर में चेक किया तो 30 हजार कैश और शादी के लिए रखे गहने भी गायब थे। इससे उन्हें शक हुआ कि दोनों घर से फरार हो गई हैं।
ऐसा कभी न सुना था, संपर्क नहीं किया तो बात समझ आई
लखविंदर की मां बोलीं– हमने लड़का और लड़की के घर से भागने की बातें तो सुनीं थी, लेकिन लड़की ही लड़की के साथ भाग जाए, ऐसा कभी नहीं सुना था। फिर भी जब दोनों वापस नहीं लौटी और कोई संपर्क भी नहीं किया तो सारी बातें समझ आईं। उनके भागने के बाद जानकारों ने उनके रिश्ते को लेकर शक जताना शुरू किया। तब हमें भी यकीन हुआ कि सुनीता ही बेटी को भगाकर ले गई है।
पुलिस ने हमें कहा, दोनों बालिग, मर्जी से गईं
लखविंदर की मां ने बताया कि इसका पता चलते ही हम तुरंत पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने कहा कि दोनों ही बालिग हैं और अपनी मर्जी से गई हैं। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। हम खुद भी तलाश करते रहे लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला। सुनीता के परिवार वाले भी कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।
दूल्हे के परिवार ने रिश्ता तोड़ा, लड़की ने कभी नहीं बताया
लखविेंदर की मां ने कहा कि- ऐसी बातें कहां छुपती हैं। इसके बारे में दूल्हे के परिवार को भी पता चल गया। उन्होंने फोन करके रिश्ता तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अब ये रिश्ता जोड़ने से हमारी भी बदनामी होगी। लखविंदर की मां कहती हैं कि हमारी लड़की ने भी कभी नहीं बताया कि उसके दूसरी लड़की के साथ इस तरह के रिश्ते हैं। हम तो उसे सहेली ही समझते रहे।














