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33 साल बाद फिर गुजरात से अयोध्या के बीच निकलेगी रथयात्रा, ‘प्राण प्रतिष्ठा’ में शामिल नहीं होंगे आडवाणी

उमाकांत त्रिपाठी। गुजरात से अयोध्या के बीच 8 जनवरी से एक रथयात्रा निकाली जाएगी। रामनगरी अयोध्या के लिए निकलने वाली ये रथयात्रा गुजरात-MP-UP के 14 शहरों से होते हुए 1400 किमी का सफर तय करेगी और 20 जनवरी को यह अयोध्या पहुंचेगी। अहमदाबाद की राम चरित मानस ट्रस्ट-न्यूराणिप रथयात्रा आयोजित कर रही है। उधर 90 के दशक में अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) और मुरली मनोहर जोशी (Dr. Murli Manohar Joshi) को ट्रस्ट ने प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए मना किया है। स्वास्थ्य और उम्र संबंधी के कारणों से अगले महीने होने वाले मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है।

51 लाख रुपए का आएगा चढ़ावा

अयोध्या पहुंचने के बाद ट्रस्ट रामलला को 51 लाख रुपए का चढ़ावा चढ़ाएगा। इससे पहले 1990 के दशक में लालकृष्ण आडवाणी ने प्रथम पूज्य सोमनाथ ज्योर्तिलिंग धाम से अयोध्या के लिए रथयात्रा निकाली थी। रथयात्रा के बाद ही राम मंदिर आंदोलन आमजन तक पहुंचा था। राममंदिर ट्रस्ट ने 33 साल पहले रथयात्रा के सूत्रधार रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से अपील की है कि वे जनवरी में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या न आएं। राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय ने यह जानकारी दी। उधर सूरत के हीरा व्यापारी कौशिक काकाड़िया ने राम मंदिर की थीम पर एक नेकलेस बनाया है। इस नेकलेस में 5000 से ज्यादा अमेरिकी हीरे और 2 किलो चांदी लगाई गई है। इसे अयोध्या के राम मंदिर के लिए गिफ्ट किया जाएगा।

ये वीआईपी होंगे शामिल

चंपत राय ने कहा कि विभिन्न परंपराओं के 150 साधु-संतों और छह दर्शन परंपराओं के शंकराचार्यों सहित 13 अखाड़े इस समारोह में भाग लेंगे। कार्यक्रम में लगभग 4 हजार संतों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा 2200 अन्य मेहमानों को भी निमंत्रण भेजा गया है। राय ने बताया कि काशी विश्वनाथ, वैष्णोदेवी जैसे प्रमुख मंदिरों के प्रमुखों, धार्मिक और संवैधानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। भगवान श्रीराम के मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद उनकी चरण पादुकाएं भी रखी जाएंगी। फिलहाल ये पादुकाएं देशभर में घुमाई जा रही हैं। पादुकाएं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव से पहले 19 जनवरी को अयोध्या पहुंचेंगी। ये चरण पादुकाएं एक किलो सोने और सात किलो चांदी से बनाई गई हैं।

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