न्यूज़भारतराजनीतिहेडलाइंस

पीएम मोदी ने किया एम एस स्वामीनथन शताब्दी सम्मेलन का उद्घाटन, जारी किया स्मारक सिक्का और डाक टिकट

उमाकांत त्रिपाठी।M.S.Swaminathan Centenary International Conference: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन को समर्पित एक स्मारक सिक्का और शताब्दी स्मारक डाक टिकट जारी किया है। आज भारत रत्न एमएस स्वामीनाथन की जयंती है। इस दौरान दिल्ली में आयोजित एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि-  कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनका योगदान किसी एक युग या किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होता। प्रो. एमएस स्वामीनाथन ऐसे ही एक महान वैज्ञानिक थे और भारत माता के सच्चे सपूत थे।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि- प्रोफेसर स्वामीनाथन ने विज्ञान को जनसेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने देश की खाद्य सुरक्षा को अपने जीवन का ध्येय बनाया। उन्होंने एक ऐसी चेतना जागृत की जो आने वाली अनेक शताब्दियों तक भारत की नीतियों और प्राथमिकताओं का मार्गदर्शन करती रहेगी। आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भी है। पिछले 10 वर्षों में हथकरघा क्षेत्र ने पूरे देश में नई पहचान और मजबूती प्राप्त की है।

पीएम मोदी बोले- आज जैव विविधता पर हो रही चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि- आज दुनिया भर में जैव विविधता पर चर्चा हो रही है और सरकारें इसके संरक्षण के लिए कई कदम उठा रही हैं लेकिन डॉ. स्वामीनाथन ने एक कदम आगे बढ़कर जैव-खुशी का विचार दिया। आज हम यहां इसी विचार का उत्सव मना रहे हैं। डॉ. स्वामीनाथन कहते थे कि जैव विविधता की ताकत से हम स्थानीय लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।

जानें- कौन थे प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन?
प्रोफेसर एम एस स्वामीनाथन देश में हरित क्रांति की शुरुआत करने वाले महान कृषि वैज्ञानिक हैं। वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथ ने देश को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा काम किया था। स्वामीनाथन ने गेहूं और चावल की ऐसी वेरायटी तैयार की थी जिससे न केवल पैदावार में इजाफा हुआ, बल्कि उनके प्रयासों से देश को सूखे से बचाने में भी मदद मिली।1960 के दशक में भारत समेत पड़ोसी देशों को अकाल की स्थिति से बचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण काम किया था। वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन का पूरा नाम मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथ था। उनका जन्म 7 अगस्त 1925 को हुआ था। वे कृषि वैज्ञानिक के साथ ही पादप आनुवंशिकीविद भी थे। उनको 1972 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का महानिदेशक बनाया गया। इसके अलावा वे भारत सरकार के सचिव के रूप में काम कर चुके थे। उन्हें 1979 में प्रधान सचिव बनाया गया थे। इसके अलावा वह योजना आयोग में भी रहे।

 

कृषि में रिसर्च से हासिल की थीं उपलब्धियां
अपने करियर की शुरुआत सिविल सेवा से की लेकिन उनकी रुचि कृषि में थी। इस वजह से उन्होंने इस क्षेत्र में रिसर्च करना शुरू कर दिया। यूरोप और अमेरिका के कई बड़े संस्थानों में उन्होंने अपने रिसर्च से महत्वपूर्ण खोज कीं। 1954 में उन्होंने सेंट्रल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट कटक में जैपोनिका किस्मों से इंडिका किस्मों में फर्टिलाइजर रिस्पांस के लिए जीन ट्रांसफार्मर करने पर बड़ा काम किया।

Related Posts

OYO में गर्लफ्रेंड संग ठहरा था शख्स, सेक्स पावर वाली गोलियां खाने से हुई मौत, 12 मार्च को थी बेटे की शादी

खबर इंडिया की। हरियाणा के गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां…

देवर-भाभी की होली का अश्लील वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा, वीडियो देख बोले- बेशर्म

खबर इंडिया की। होली के त्योहार के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो…

बस में बैठी लड़की के ब्लाउज के अंदर घूर रहा था बुजुर्ग, लड़की ने शर्मनाक हरकत का बनाया वीडियो, फिर..

खबर इंडिया की। देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ताजा…

उत्तरप्रदेश में सामने आया चौंकाने वाला मामला , 13 और 14 साल की दो लड़कियां बनीं मां, वजह जान चौंक जाएंगे

खबर इंडिया की।रबस्ती जिले में दो नाबालिग बेटियों के साथ हुए बलात्कार और उनके मां…

गर्लफ्रेंड संग शराब पार्टी कर रहा था शादीशुदा कॉन्स्टेबल, पत्नी का फोन आया तो प्रेमिका ने मारी खुद को गोली, फिर..

उमाकांत त्रिपाठी।ग्रेटर नोएडा में दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल की गर्लफ्रेंड ने…

होली पार्टी में नशे में डूबी लड़कियों का वीडियो वायरल, कम कपड़ों में डांस और सिगरेट का कश लगाती दिखी

खबर इंडिया की। होली के त्योहार के दौरान देशभर से कई तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर…

1 of 706

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *