स्वास्थ्य

ओमीक्रोन के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सतर्कता, अनुशासन देश की ‘बड़ी ताकत’ हैं: मोदी

ओमीक्रोन के लगातार बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सतर्कता और अनुशासन देश की बड़ी ताकत हैं।

मोदी ने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में कहा कि भारत ने अपनी टीकाकरण मुहिम में ‘‘अभूतपूर्व सफलता’’ हासिल की है, लेकिन वायरस के नए स्वरूप के कारण सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मोदी ने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिक इस नए ओमीक्रोन स्वरूप पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्हें हर रोज नए आंकड़े मिल रहे हैं और उनके सुझावों के आधार पर कदम उठाए जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सतर्कता और अनुशासन देश की बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सामूहिक ताकत कोरोना वायरस को हराएगी। हमें जिम्मेदारी की इस भावना के साथ 2022 में प्रवेश करना है।’’

मोदी ने शनिवार को घोषणा की थी कि अगले साल तीन जनवरी से 15 से 18 साल की आयु के किशोरों के लिये टीकाकरण अभियान आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को चिकित्सकों की सलाह पर एहतियात के तौर पर टीकों की खुराक दिए जाने की शुरुआत की जाएगी।

मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का भी जिक्र किया, जिन्होंने तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट हुए हेलीकॉप्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पिछले सप्ताह बेंगलुरु के एक सैन्य अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस हादसे में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के 11 कर्मियों की मौत हो गई थी। आठ दिसंबर को हुए इस हादसे में केवल ग्रुप कैप्टन सिंह ही जीवित बचे थे।

प्रधानमंत्री ने ग्रुप कैप्टन सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने के कुछ सप्ताह बाद उनके द्वारा अपने स्कूल को लिखे प्रेरणादायी पत्र का भी जिक्र दिया।

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