अपराध

गैंगस्टर दीपक बॉक्सर को दिल्ली पुलिस ने एक खास ऑपरेशन चलाकर मेक्सिको से गिरफ्तार कर लिया

पहली बार दिल्ली पुलिस ने देश के बाहर ऑपरेशन चलाकर किसी गैंस्टर को पकड़ा है। और बड़ी सफलता हासिल की है।

दिल्ली से फरार गैंगस्टर दीपक बॉक्सर को दिल्ली पुलिस ने एक खास ऑपरेशन चलाकर मेक्सिको से गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार करने के लिए FBI की भी मदद ली. दिल्ली पुलिस के इतिहास में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है जिसके तहत किसी फरार गैंगस्टर को देश से बाहर जाकर गिरफ्तार किया गया हो. दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दीपक बॉक्सर को बुधवार को दिल्ली लाया जाएगा. पुलिस को दीपक बॉक्सर की तलाश राजधानी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में हुए बिल्डर की हत्या मामले थी.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल ने इस ऑपरेशन को लेकर कुछ अहम जानकारियां साझा की. उन्होंने कहा कि पिछले साल अगस्त में गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में उन्होंने भगोड़ों को पकड़ने के लिए कहा था. गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद ही हमने दीपक बॉक्सर जो जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद उस गैंग का लीडर बना था, को पकड़ने के लिए विशेष ऑपरेशन चलाया. दीपक बॉक्सर पर 10 बड़े अपराधों में शामिल होने का आरोप है और इन अपराधों में इसकी अहम भूमिका भी रही है. गैंग की कमान संभालने से पहले दीपक नेशनल लेवल का बॉक्सर था. दीपक को लेकर हमारी टीम को इनपुट मिला था कि इसने जनवरी में बरेली से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था.

धालीवाल ने आगे बताया कि इसके बाद हमारी टीम को पता चला की दीपक कोलकाता से कजाकिस्तान फिर वहां से दुबई और फिर दुबई से तुर्की गया और वहां कुछ समय रहने बाद वो फिर दुबई पहुंचा. इसके बाद हमारी टीम को पता चला कि ये अब मेक्सिको में है. इसके मेक्सिको में होने की सूचना के तुरंत बाद ही हमने अपने दो अफसरों को मेक्सिको भेजा.

इसके बाद हमारे अफसरों ने मेक्सिको पुलिस, FBI और भारतीय दूतावास की मदद से मेक्सिको के केंकून इलाके से इसे पकड़ा. उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने इसका फर्जी पास्पोर्ट बनाया था हमने उनमे से दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है. हमारी अभी तक की जांच में पता चला है कि दीपक बॉक्सर लॉरेंस बिश्वनोई और गोल्डी बरार के भी संपर्क में था.

बता दें कि दीपक साल 2016 में बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस कस्टडी से गोगी को छुड़ाने के बाद चर्चा में आया था. 2018 में उसके गैंग पर मकोका के तहत कारवाई हुई, तब से वो फरार है. इस दौरान वो लगातार अपराध करता रहा. इस बीच दो हत्याएं, पुलिसकर्मियों पर कातिलाना हमला और मार्च 2021 में कुलदीप उर्फ फज्जा को जीटीबी अस्पताल से पुलिस कस्टडी से भगाकर ले जाने में उसकी तलाश थी. दीपक गन्नौर का का रहने वाला है और उस पर 3 लाख का इनाम है.

 

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