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ब्रुनेई का दौरा करने वाले पहले पीएम बने PM मोदी, पूरे हुए दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 40 साल, जानें क्यों अहम है ये दौरा?

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ब्रुनेई दौरे के लिए रवाना हो गए हैं. उनका यह दौरा एक दिन का होगा. इसके बाद वह बुधवार को सिंगापुर के दो दिवसीय दौरे के लिए रवाना होंगे. पीएम मोदी का ब्रुनेई और सिंगापुर का ये तीन दिवसीय दौरा काफी अहम है.

पीएम मोदी तीन दिनों के इस दौरे की शुरुआत ब्रुनेई से कर रहे हैं. वह सुल्तान हसनल बोल्कैया के निमंत्रण पर ब्रुनेई पहुंच रहे हैं. वह भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे, जो ब्रुनेई का दौरा करेंगे. इस साल दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 40 साल भी पूरे हो रहे हैं.

मजबूत होंगे दोनों देशों के संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि अगले दो दिन ब्रुनेई और सिंगापुर के दौरे पर रहूंगा. इन देशों में कई कार्यक्रमों में शामिल होने के दौरान ध्यान इन देशों के साथ भारत के संबंधों को और गहरा करने पर होगा. भारत और ब्रुनेई के बीच राजनयिक संबंधों के 40 साल पूरे हो रहे हैं. मैं सुल्तान हाजी हसनल से मिलने को लेकर आशान्वित हूं सिंगापुर में मैं राष्ट्रपति थर्मन शणमुगरत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेन्स वॉन्ग, वरिष्ठ मत्री ली सेन लुंग और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से मिलूंगा. हम कई प्रमुख क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने को लेकर उत्सुक हूं.

इसलिए अहम है पीएम का दौरा
पीएम मोदी के इस दौरे में व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने के साथ-साथ अंतरिक्ष और रक्षा सेक्टर में सहयोग को भी बढ़ाएंगे. ब्रुनेई के साथ भारत पहले ही अंतरिक्ष सेक्टर में कई अहम समझौते कर चुका है. इसके साथ ही इस दौरे से दोनों देशों के बीच कच्चे तेल और हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र में भी संबंध मजबूत होंगे. इस दौरे पर सेमीकंडक्टर और हाइड्रोकार्बन आयात पर फोकस होने की उम्मीद है. इस क्षेत्र में कुछ समझौते भी हो सकते हैं. ब्रुनेई को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो पैसिफिक के विजन के लिहाज से काफी अहम देश माना जाता है. स्ट्रैटेजिक लिहाज से ब्रुनेई महत्वपूर्ण साझेदार देश है. इस देश की उत्तरी सीमा साउथ चाइना सी से लगती है.

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