Tejas Sudarshan AI Ideas: उमाकांत त्रिपाठी।कई बार स्कूल में आया एक छोटा-सा विचार आगे चलकर बड़ी पहचान की वजह बन जाता है। तेजस पार्थसारथी सुदर्शन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। साल 2017 में उन्होंने अपने स्कूल में पढ़ाई को आसान बनाने के लिए Google Classroom इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि करीब नौ साल बाद उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।
Tejas Sudarshan AI Ideas के तहत उन्होंने बताया कि AI की मदद से छात्रों की पढ़ाई को वास्तविक समस्याओं से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, सरकारी सेवाओं को आसान बनाने के लिए एक ऐसा ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया जा सकता है, जहां लोग अपनी शिकायतें दर्ज करने के साथ जरूरी दस्तावेज भी जमा कर सकें।
तेजस को प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपने विचार रखने के लिए करीब 90 सेकंड का समय मिला। उन्होंने इस छोटे से समय में शिक्षा और सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में तकनीक की भूमिका पर अपने सुझाव रखे।
PM मोदी के चेन्नई दौरे के दौरान तेजस को मिला मौका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर को चेन्नई का दौरा किया था। इसी दौरान बातचीत के लिए चुने गए 17 स्टार्टअप संस्थापकों में तेजस पार्थसारथी सुदर्शन भी शामिल थे। उन्हें चेन्नई मेट्रो में प्रधानमंत्री से मिलने और AI के इस्तेमाल पर चर्चा करने का अवसर मिला।
तेजस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट के जरिए इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया कि किस तरह छात्र नेता के चुनाव के दौरान उन्होंने तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को बेहतर बनाने का विचार रखा था।
उनके मुताबिक, समय के साथ तकनीक और समस्याओं का दायरा जरूर बदला है, लेकिन नई चीजें सीखने और उनका समाधान खोजने की जिज्ञासा आज भी बनी हुई है।
स्कूल में Google Classroom का सुझाव देने से लेकर प्रधानमंत्री के सामने AI के इस्तेमाल पर चर्चा करने तक का उनका सफर तकनीक में उनकी रुचि को दिखाता है।
2017 में दिया था Google Classroom का सुझाव
तेजस ने साल 2017 में अपने स्कूल में छात्र नेता के चुनाव के दौरान पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए Google Classroom इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था। उनका उद्देश्य तकनीक की मदद से छात्रों के सीखने के अनुभव को आसान बनाना था।
Google Classroom जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षक पढ़ाई से जुड़ी सामग्री साझा कर सकते हैं और छात्र अपनी कक्षाओं से संबंधित जानकारी एक ही जगह प्राप्त कर सकते हैं।
उस समय तेजस का विचार स्कूल में पढ़ाई के तरीके को बेहतर बनाने पर केंद्रित था। करीब नौ साल बाद उनका ध्यान AI की मदद से शिक्षा और सरकारी सेवाओं में सुधार लाने पर है।
यह बदलाव दिखाता है कि तकनीक के इस्तेमाल को लेकर उनकी सोच अब व्यापक हो गई है। वह चाहते हैं कि छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनका समाधान तैयार करने का अवसर भी मिले।
AI की पढ़ाई को वास्तविक समस्याओं से जोड़ने का सुझाव
प्रधानमंत्री मोदी के सामने तेजस का एक प्रमुख सुझाव AI की पढ़ाई को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़ने से संबंधित था। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी विभाग और विश्वविद्यालय मिलकर छात्रों को ऐसे प्रोजेक्ट उपलब्ध कराएं, जिनके जरिए वे वास्तविक समस्याओं को समझ सकें और उनके समाधान पर काम कर सकें।
इस व्यवस्था से छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में AI का इस्तेमाल करने और अपनी तकनीकी क्षमताओं को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।
उदाहरण के तौर पर, छात्र सरकारी विभागों की जरूरतों के अनुसार डेटा विश्लेषण, दस्तावेजों के प्रबंधन या नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं। हालांकि, ये संभावित उदाहरण हैं, न कि तेजस की ओर से बताए गए किसी खास प्रोजेक्ट की पुष्टि।
ऐसी व्यवस्था का फायदा सरकारी विभागों को भी मिल सकता है। उन्हें अपनी समस्याओं के लिए नए समाधान तलाशने और युवाओं की तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
तेजस के सुझाव का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि छात्र अपनी AI स्किल्स का इस्तेमाल वास्तविक समस्याओं को हल करने में कर सकें।
सरकारी सेवाओं के लिए AI आधारित ऑनलाइन डेस्क का सुझाव
तेजस ने सरकारी सेवाओं को आसान बनाने के लिए एक ऑनलाइन डेस्क तैयार करने का सुझाव भी दिया। इस व्यवस्था के तहत लोग अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज एक ही जगह अपलोड कर सकेंगे।
इसके बाद AI की मदद से शिकायत को ट्रैक करने और उसे संबंधित सरकारी विभाग तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है। इससे लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
अक्सर सरकारी सेवाओं से जुड़े कामों में लोगों को यह पता लगाने में परेशानी होती है कि उनकी शिकायत किस विभाग के पास भेजी जानी चाहिए। कई बार उन्हें अलग-अलग दफ्तरों में जाकर दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं या आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार संपर्क करना पड़ता है।
AI आधारित ऑनलाइन डेस्क इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है। शिकायतों को सही विभाग तक पहुंचाने, दस्तावेजों का प्रबंधन करने और आवेदन की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने जैसे कामों में तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
हालांकि, इस तरह की व्यवस्था लागू करने के लिए नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा, शिकायतों की मानवीय समीक्षा और जवाबदेही जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। फिलहाल, तेजस की ओर से दिया गया यह एक सुझाव है। इसे लागू करने के लिए सरकार की ओर से किसी योजना की घोषणा का विवरण उपलब्ध नहीं है।
कौन हैं तेजस पार्थसारथी सुदर्शन?
तेजस पार्थसारथी सुदर्शन विन्सन लैब्स (Vinscen Labs) के संस्थापक बताए जाते हैं। उनकी कंपनी फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए AI तकनीक पर काम करती है।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि कॉमर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंसी से जुड़ी रही है। वह KPMG India में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने Fanpit नाम के इवेंट्स और कम्युनिटी प्लेटफॉर्म पर भी काम किया है।
तेजस ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स और मशीन लर्निंग से जुड़ी रिसर्च भी साझा करते हैं। उनका काम अलग-अलग क्षेत्रों में तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल की संभावनाओं पर केंद्रित है।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत के दौरान उनके सुझावों में भी यही सोच दिखाई दी। उन्होंने AI को केवल एक नई तकनीक के रूप में देखने के बजाय शिक्षा और नागरिक सेवाओं से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाने पर जोर दिया।
चेन्नई मेट्रो में PM मोदी ने किया सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 11 अक्टूबर का चेन्नई दौरा मेट्रो परियोजना के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान उन्होंने करीब 4,900 करोड़ रुपये की लागत से बने चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के पूनमल्ली बाईपास-वडापलानी हिस्से का उद्घाटन किया।
यह हिस्सा करीब 15 किलोमीटर लंबा बताया गया है और इसमें 11 एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। इस परियोजना से चेन्नई के पश्चिमी उपनगरों और शहर के केंद्र के बीच आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मेट्रो में सफर भी किया। इसी दौरान चुने गए स्टार्टअप संस्थापकों के साथ बातचीत का अवसर मिला, जिसमें तेजस सुदर्शन ने भी हिस्सा लिया।
तकनीक के जरिए समस्याओं का समाधान करने पर जोर
तेजस सुदर्शन का स्कूल में Google Classroom का सुझाव देने से लेकर प्रधानमंत्री के सामने AI आधारित समाधान रखने तक का सफर तकनीक के प्रति उनकी निरंतर रुचि को दिखाता है।
उनके दो प्रमुख विचार शिक्षा और सरकारी सेवाओं से जुड़े हैं। पहला, छात्रों को सरकारी विभागों और विश्वविद्यालयों के सहयोग से वास्तविक समस्याओं पर AI आधारित प्रोजेक्ट करने का मौका देना। दूसरा, नागरिकों की शिकायतों और दस्तावेजों को व्यवस्थित करने के लिए AI की मदद से ऑनलाइन डेस्क विकसित करना।
इन सुझावों को लागू किया जाता है या नहीं, यह भविष्य में संबंधित संस्थाओं और सरकार के फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, प्रधानमंत्री के सामने इन विचारों को रखने का अवसर तेजस के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा।















