उमाकांत त्रिपाठी।देवर से अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहे पति की शूटर से गोली मरवाकर हत्या कर दी गई। महिला के दो साल से देवर के साथ अवैध संबंध थे। जब पति को पता चला तो आए दिन दोनों के बीच झगड़े होने लगे। पति महिला को देवर से मिलने से रोकता था। महिला ने पति को रास्ते से हटाने के लिए प्लानिंग की।
हत्या की साजिश यूपी में रची गई। महिला का प्रेमी जयपुर कार लेकर पहुंचा और पति को गांव चलने की बात कहकर अपने साथ आगे वाली सीट पर बैठा लिया। इससे पहले तीनों ने जयपुर में दुकान पर मिठाई खाई। फिर करीब 80 किलोमीटर दूर पहुंचते ही पीछे बैठे शूटर ने उसके गले में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी करीब 10 किलोमीटर दूर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास शव को पुलिया के नीचे फेंककर फरार हो गए।मामले में दौसा पुलिस ने पहले आरोपी प्रेमी देवर धर्मेंद्र (45) और शूटर रामसुन्दर उर्फ बिट्टू (30) को गिरफ्तार किया। इसके बाद अब 23 दिसंबर को मुख्य आरोपी महिला शिल्पी (35) को उसके ससुराल पनपुरा बिहार से गिरफ्तार किया गया है।
10 महीने पहले दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के पास मिला था शव
दौसा के कोलवा थाना क्षेत्र मे घटना 10 फरवरी 2025 को हुई थी। दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के पास द्वारापुरा में जीरो पॉइंट पुलिया के पास लिंक रोड के किनारे शव मिला था। जिसकी पहचान आशानंद (37) निवासी पनपुरा जिला भोजपुर-आरा (बिहार) के रूप में हुई थी। मृतक के गले में गोली लगी हुई थी।
सीसीटीवी और सीडीआर से खुला ब्लाइंड मर्डर
SHO रामशरण गुर्जर ने बताया- हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। जांच के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें एक यूपी नंबर की कार द्वारापुरा (दौसा) के पास कुछ देर रुकने के बाद वापस लौटती नजर आई।आगे की जांच में सामने आया कि वही कार भांडारेज इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे पर दिल्ली रूट की ओर जाती हुई दिखाई दी। सीसीटीवी फुटेज में कार की फ्रंट सीट पर मृतक आशानंद पांडे और उसकी पत्नी का प्रेमी धर्मेंद्र शर्मा बैठे हुए थे। कार धर्मेंद्र की थी।
वारदात से पहले की गई थी रेकी मर्डर से पहले खाई मिठाई
हत्याकांड के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले कॉन्स्टेबल राजेन्द्र प्रसाद ने बताया- सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर से अहम सुराग मिले। आरोपियों ने 7 फरवरी 2025 को वारदात से पहले रेकी की थी। इसके बाद 9 फरवरी को गाजियाबाद से जयपुर पहुंचे।जयपुर से रवाना होने से पहले 9 फरवरी शाम करीब 6 बजे VKI में दुकान पर आशानंद के साथ धर्मेंद्र और शूटर ने मिठाई खाई थी। इसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया। पुलिस को अगले दिन सुबह शव मिलने की सूचना मिली थी।
पत्नी और प्रेमी ने दी थी सुपारी
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मामले की गहन जांच की। इसके बाद 22 फरवरी 2025 को मुख्य आरोपी महिला के देवर धर्मेंद्र शर्मा, निवासी भोजपुर-आरा (बिहार) को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित अर्थला मोहन नगर से गिरफ्तार किया गया।














