खबर इंडिया की।उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में जिला अदालत ने 16 अक्टूबर को बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों को 7 अक्टूबर को हत्या का दोषी ठहराया था। सजा के ऐलान के दौरान दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता, हत्या की साजिश और सबूत मिटाने की कोशिश का हवाला देते हुए दोषियों के लिए कठोरतम सजा की मांग की थी।
अदालत के फैसले के बाद मृतक अमित कश्यप के परिजनों ने राहत जताई। वहीं, सुनवाई से पहले रविता ने कहा था कि उसे अदालत का फैसला मंजूर होगा। अमरदीप ने इस दौरान कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने मामले को और गंभीर बना दिया था।
Meerut Ravita Amardeep Verdict: कोर्ट ने क्यों सुनाई फांसी की सजा?
वकील के मुताबिक, अदालत ने इस मामले को ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ यानी दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी का अपराध माना। इसी आधार पर रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई गई। अदालत में सजा के सवाल पर अभियोजन पक्ष ने हत्या के तरीके, अपराध के पीछे के मकसद और साक्ष्य छिपाने की कथित कोशिश को महत्वपूर्ण बताया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमित कश्यप की हत्या के बाद उसके शव के नीचे सांप छोड़कर घटना को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। शुरुआत में शव के पास सांप मिलने के कारण मामला सांप के काटने से हुई मौत का लग रहा था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि होने के बाद जांच की दिशा बदल गई।
सरकारी वकील ने सुनवाई के दौरान शबनम हत्याकांड का भी हवाला दिया और दोनों दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद सजा का ऐलान किया गया।
क्या है अमित कश्यप हत्याकांड की पूरी कहानी?
यह मामला 12 अप्रैल 2025 का है, जब अमित कश्यप अपने घर में मृत मिला था। शव के पास सांप मिलने से शुरुआती तौर पर मौत को सर्पदंश से जोड़कर देखा गया। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच दूसरे नजरिए से शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पत्नी रविता और अमरदीप के बीच कथित प्रेम संबंधों से जुड़े तथ्य मिले। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की साजिश रची और घटना को दूसरी वजह से हुई मौत दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साजिश और कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने की कोशिश को गंभीर तथ्य के रूप में अदालत के सामने रखा। इसके बाद 7 अक्टूबर को जिला अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया। 16 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
अमित कश्यप की मां ने दोषियों के लिए मांगी थी कठोर सजा
फैसले से पहले मृतक अमित कश्यप की मां ने मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा जाहिर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहू रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मिलकर उनके बेटे की हत्या की। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनका बेटा दर्द में तड़पता रहा, उसी तरह दोषियों को भी कठोर सजा मिलनी चाहिए।
अमित की मां के मुताबिक, रविता और अमरदीप के बीच कथित अवैध संबंध थे और दोनों का अमित के साथ लगातार विवाद होता था। उन्होंने अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद जताई थी। फैसला आने के बाद परिवार को इस मामले में अदालत की ओर से कठोर सजा सुनाए जाने की जानकारी मिली।
कोर्ट परिसर में रही भारी सुरक्षा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी
16 अक्टूबर को सजा के ऐलान को देखते हुए मेरठ जिला अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और वकीलों की भीड़ जुटी रही। अमित कश्यप के परिजन भी अदालत पहुंचे थे।
रविता और अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश किया गया। सुबह से ही इस बात को लेकर चर्चा थी कि दोनों को उम्रकैद मिलेगी या फांसी की सजा सुनाई जाएगी। वकीलों के बीच बहस पूरी होने के बाद लंच के बाद फैसले का समय तय हुआ।
दोपहर करीब 3:15 बजे अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। इसके बाद वकील ने बताया कि अदालत ने मामले को दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी में माना है। सुनवाई से पहले रविता ने अदालत के फैसले का सम्मान करने की बात कही थी, जबकि अमरदीप ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।
सौरभ राजपूत हत्याकांड की भी हुई चर्चा
अमित कश्यप हत्याकांड में फैसला आने के दिन सौरभ राजपूत की मां भी मेरठ कोर्ट पहुंचीं। उन्होंने अमित के परिजनों से मुलाकात की और अदालत के फैसले पर खुशी जताई। सौरभ राजपूत हत्याकांड में उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को भी फांसी की सजा सुनाई गई थी।
दोनों मामलों में पति की हत्या और पत्नी के कथित प्रेम संबंधों का पहलू चर्चा में रहा है। हालांकि, प्रत्येक मामले के तथ्य, साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग हैं। अदालतों के फैसलों को संबंधित मामले के रिकॉर्ड और कानूनी प्रावधानों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा?
रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। मृत्युदंड के मामलों में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सजा की पुष्टि और अपील की प्रक्रिया हो सकती है। इसलिए सजा सुनाए जाने और उसे अंतिम रूप से लागू किए जाने के बीच कानूनी चरण पूरे होना जरूरी है।
मेरठ का अमित कश्यप हत्याकांड इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि शुरुआत में मौत को सांप के काटने से जोड़कर देखा गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी। अदालत ने दोनों को दोषी ठहराने के बाद 16 अक्टूबर को मृत्युदंड सुनाया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी नजर बनी रहेगी।















