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OSCA’आर आर आर’ 2023 में मची इंडिया की धूम, जीते दो अवॉर्ड्स,नाटू-नाटू पर नाचे लोग

कुछ साल पहले की बात है जब ऑस्कर पुरस्कारों के नॉमिनेशन मिलने पर ही पूरे देश में खबर आग की तरह फैल जाती थी. लेकिन पुरस्कार नहीं मिलने पर काफ़ी हताशा भी होती थी. उस वक़्त मुझे लगता था कि विश्व स्तर पर भारतीय लोगों को नज़र अंदाज किया जाता है. हालाँकि लंबे-लंबे अंतराल के बाद भारतीय कलाकारों को ऑस्कर मिलते रहे. प्रारंभिक दौर में सत्यजीत रे ने खास तरीके से भारतीय बंगाली सिनेमा के ज़रिए पहचान बनाई थी. तब लगता था कि उनके सिवा कोई और बड़े फ़िल्मकार हमारे देश में हैे ही नहीं; लेकिन ऐसा नहीं था. हमारे देश की सिनेमा का अलग वर्ग था जो अमेरिका और यूरोप की फ़िल्मों से थोड़ा अग़ल था. इंटरनेट क्रांति और ध्रुवीकरण ने सिनेमा को घर-घर तक पहुंचा दिया और इसका दायरा ग्लोबल हो गया. कहने का मतलब है कि अगर भारत में कही छोटे जगह में भी फ़िल्म बनी है तो उसका दर्शक पूरी दुनिया में होगा और जिसके चलते हमारे देश की सिनेमा को विस्तार मिला. अब ऑस्कर की समानांतर श्रेणी में आकर खड़ा है. दक्षिण भारत ने सिनेमा में जितनी तेज़ी दिखाई है वह प्रशंसनीय है.


अगर ऑस्कर की बात करें तो ऑस्कर जीतने वाले पहले भारतीय थे कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया, जिन्होने साल 1983 में आई फिल्म’ गांधी’ के लिए जॉन मोलो के साथ मिलकर कॉस्ट्यूम डिजाइन किया था. इस कैटेगरी में उन्हें यह सम्मान मिला था.1991 में दिग्गज फिल्ममेकर सत्यजीत रे दूसरे भारतीय थे, जिन्हें ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित किया गया. उन्हें ‘ऑनरेरी लाइफटाइम अचीवमेंट’का ऑस्कर अवार्ड दिया गया था. हालांकि अवार्ड लेने वह ऑस्कर सेरेमनी का हिस्सा नहीं बन पाए थे, जिसके बाद उनके पास कोलकाता इस अवार्ड को भिजवाया गया. सिनेमा में उनका अमूल्य योगदान रहा है.
साल 2008 में आई फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए ‘बेस्ट साउंड मिक्सिंग’ कैटेगरी का ऑस्कर रेसुल पोक्कुट्टी को दिया गया था. इस फिल्म ने तीन ऑस्कर अवार्ड अपने नाम किए.फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में ‘जय हो’ सॉन्ग के गीतकार गुलजार को फिल्म का तीसरा ऑस्कर अवार्ड मिला था. ऑस्कर सेरेमनी में वह नहीं पहुंच पाए थे, जिसके बाद यह अवार्ड उनकी टीम ने लिया था.
95वें ऑस्कर समारोह में भारतीयों को जलवा रहा यहां तक कि स्टेज शेयर करने, स्टेज परफ़ॉर्मेंस के अलावा दो- दो पुरस्कार मिले. एसएस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ के सुपरहिट गाने ‘नाटू नाटू’ पर राम चरण और जूनियर एनटीआर ने जबरदस्त डांस किया था. इस एनर्जेटिक गाने को कंपोज एमएम कीरावानी ने किया है और एमएम कीरावानी ने ही चंद्रबोस के साथ मिलकर लिखा है. इस गाने को राहुल सिप्लिगुंज और काल भैरव ने आवाज दी है. वही दूसरी कैटगरी में ‘TheElephantWhisperers’ की निर्माताओं कार्तिकी गोंसाल्वेस और गुनीत मोंगा को ऑस्कर पुरस्कार मिले हैं. डाक्यूमेंट्री फिल्मों को लेकर सरकार, फिल्म उद्योग और आम जनता का नजरिया इस ऑस्कर सम्मान के बाद बदलेगा. यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म मनुष्य और पशुओं के संबंधों और पर्यावरण के प्रश्नों को भी रेखांकित करती है.

(इस ब्लॉग के लेखक विनीत कुमार हैं. फ़िलहाल वे मुंबई में सोशल मीडिया कंसलटेंट के पद पर कार्यरत हैं. विनीत कुमार की टीवी, फ़िल्म और सोशल मीडिया पर गहरी समझ है. इस लेख में विनीत कुमार ने अपनी व्यक्तिगत संवेदनाएं और हाल के मीडिया रिपोर्ट एवं घटनाओं के आधार पर अपने विचार व्यक्त किए हैं.)

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