उमाकांत त्रिपाठी। बीती रात नेपाल में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप ने काफी नुकसान पहुंचाया है। इस भूकंप में अबतक करीब 141 लोगों की मौत हो चुकी है और एक हजार से ज्यादा लोग घायल हैं। मृतकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्राकृतिक आपदा पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने नेपाल को हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- नेपाल में भूकंप के कारण जानमाल के नुकसान और क्षति से बहुत दुखी हूं। भारत, नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
2015 के बाद आया इतना बड़ा भूकंप
आपको बता दें कि करीब 8 साल पहले 2015 में इससे बड़ा और विनाशकारी भूकंप आया था। नेपाल में 25 अप्रैल 2015 को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 9000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। इसमें 10 लाख घरों को नुकसान पहुंचा था और करीब 28 लाख लोग विस्थापित हुए। तब संयुक्त राष्ट्र ने ये आंकड़े जारी किए थे। इस भूकंप में नेपाल की राजधानी काठमांडू की कई ऐतिहासिक इमारतें ध्वस्त हो गई थीं और हजारों विदेशी पर्यटक भी इसकी चपेट में आ गए थे। शुक्रवार को आए भूकंप के झटके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए थे। आपको बता दें कि नेपाल में एक महीने में तीसरी बार तेज भूकंप आया है
दिल्ली-एनसीआर में भी दिखा भूकंप का असर
नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप मापन केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र नेपाल के जाजरकोट जिले के लामिडांडा इलाके में था। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने भूकंप से हुई लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने बचाव और राहत के लिए 3 सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया है। इस भूकंप का असर यूपी के लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर में भी देखा गया। यहां भूकंप के हल्के झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। नोएडा सेक्टर-76 में एक ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के निवासी ने कहा- वास्तव में बहुत तेज झटके महसूस हुए. यह एक बेहद डरावना एहसास था।













