उमाकांत त्रिपाठी। झारखंड के हजारीबाग में BSF अपना 59वां स्थापना दिवस मना रही है। बीएसएफ के 59वें स्थापना दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परेड में हिस्सा लिया। इस मौके पर अलग- अलग झाकियां निकाली गई। यहां भारतीय जवानों ने अपना पराक्रम दिखाया। इस परेड के जरिए दुनिया ने BSF की ताकत देखी। स्थापना दिवस में गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि रहे, इस दौरान शाह ने जवानों को सम्मानित किया और स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। BSF स्थापना दिवस में आत्मनिर्भर भारत की भी झलक दिखी, सीमा सुरक्षा बल के एयर विंग के स्वदेशी हेलीकॉप्टर्स ने अनोखे करतब दिखाए। आपको बता दें कि भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद देश को BSF की जरूरत महसूस हुई जिसके बाद 1 दिसंबर 1965 को इसकी स्थापना की गई।
पूरा देश बीएसएफ के जवानों को सलाम करता है
इस दौरान अमित शाह ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले बीएसएफ कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही बीएसएफ के 59वें स्थापना दिवस परेड की सलामी भी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि- मैं बीएसएफ के 59वें स्थापना दिवस पर सभी जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देता हूं, पूरे देश को इन सैनिकों पर गर्व है। केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि बीएसएफ के लाखों सीमा प्रहरियों ने अपने जीवन का स्वर्णकाल 40 डिग्री सेल्सियस से लेकर 45 डिग्री सेल्सियस के रेगिस्तान में, कहीं हरामी नाला की दलदलों में तो कहीं सुंदरनगर के जल में बिताया है। परिवार से दूर रह कर दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा जिस तरह से बीएसएफ ने सुनिश्चित की है। पूरा देश बीएसएफ के जवानों को सलाम करता है।
श्रद्धांजलि के साथ हुई कार्यक्रम की शुरूआत
1968 के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। राइजिंग डे परेड मे बीएसएफ के सभी फ्रंटियर के कंटिनजेंट की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। जांबाज और सीमा भवानी की बाइक टीम, ऊंट और घुड़सवार दस्ते, प्रशिक्षित श्वान, बीएसएफ एयर विंग के हैलिकॉप्टर, बीएसएफ तोपखाना, आंसु गैस इकाई टेकनपुर, मिर्ची बॉम्ब और एडवेंचर प्रशिक्षण संस्थान की पैराग्लाइडिंग का प्रदर्शन कार्यक्रम में दिखाया गया। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। परेड में एक हजार से अधिक जवान और अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान बीएसएफ के डीजी नितिन अग्रवाल ने अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह के प्रति विशेष आभार जताया। इस दौरान उन्होंने बीएसएफ के जवानों के कारनामों और उनकी उपलब्धियों के बारे में भी बात की।














