उमाकांत त्रिपाठी। विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुबई पहुंचे। COP-28 सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे पीएम का जोरदार स्वागत किया गया। यहां एयरपोर्ट पर भारी संख्या में लोग तिरंगा लेकर पहुंचे। PM ने सभी से मुलाकात की और हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। इस दौरान एक डांस ग्रुप ने परफॉर्मेंस भी दी। PM ने कुछ देर खड़े होकर डांस देखा और कलाकारों की तारीफ की। इसके अलावा मोदी ने युवाओं और महिलाओं से भी मुलाकात की।

पीएम के दुबई पहुंचने पर भारतीय समुदाय में खासा उत्साह नजर आया. इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे सुनाई दिए। PM आज दुबई में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट को संबोधित करेंगे। इसके अलावा 3 अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। सीओपी28 समिट 30 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगा लेकिन इस बीच पीएम मोदी शुक्रवार शाम को ही भारत लौट आएंगे। दुबई रवाना होने से पहले मोदी ने कहा कि जब क्लाइमेट ऐक्शन की बात आती है, तो भारत ने जो कहा है वह करके दिखाया है। G20 की हमारी अध्यक्षता के दौरान क्लाइमेट हमारी प्राथमिकता में सबसे ऊपर था।

पीएम मोदी ने कहा कि वह संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के आमंत्रण पर, वह एक दिसंबर को कॉप-28 के विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई की यात्रा पर जा रहे हैं। यह खुशी की बात है कि यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम संयुक्त अरब अमीरात की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है, जो जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह पहचानना आवश्यक है कि विकासशील देशों ने समस्या खड़ी करने में कोई योगदान नहीं दिया है फिर भी विकासशील देश समाधान का हिस्सा बनने के लिए इच्छुक हैं। लेकिन वे जरूरी फंड और टेक्नोलॉजी की पहुंच के बिना योगदान नहीं दे सकते हैं। इसलिए वैश्विक सहयोग की बड़ी आवश्यकता है। वहीं विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि PM मोदी UAE के साथ ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम से जुड़े एक कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

आपको बता दें कि वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट में दुनियाभर के कई नेता शिरकत करेंगे। इस दौरान ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के 198 देश सदस्य हैं। दुबई में होने जा रही समिट में 160 वैश्विक नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि राष्ट्रों के बीच सहयोग से ही इससे निपटा जा सकता है।

समिट के बाद पीएम मोदी स्वीडन के साथ एनर्जी ट्रांजिशन ग्रुप LeadIT 2.0 के लॉन्च करेंगे। मोदी ट्रांसफॉर्मिंग क्लाइमेट फाइनैंस इंवेट में भी शामिल होंगे। आपको बता दें कि COP यानी कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज उन देशों का समूह है जिन्होंने 1992 में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस बार इस ग्रुप की 28वीं बैठक होने जा रही है। इस वजह से इसे COP28 कहा जा रहा है।














