उमाकांत त्रिपाठी। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए बीजेपी ने पर्यवेक्षकों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी मध्य प्रदेश के लिए के लक्ष्मण, आशा लकड़ा और मनोहर लाल खट्टर को पर्यवेक्षक बनाकर भेज रही है। ये सभी पर्यवेक्षक राज्य में विधायक दल की बैठकें करेंगे। इस लिस्ट में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का नाम भी शामिल है। इसके अलावा के लक्ष्मण राज्यसभा सांसद हैं और भाजपा के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। वह तेलंगाना से आते हैं। आशा लकड़ा झारखंड से आती हैं और बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव हैं। वह बंगाल के लिए बीजेपी की ओर से सह प्रभारी रही हैं। इसके अलावा वह दो बार रांची की मेयर रह चुकी हैं।
छत्तीसगढ़ में ये बने पर्यवेक्षक
छत्तीसगढ़ में विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और सर्वानंद सोनावाल तथा पार्टी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर आखिरी फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा। सीएम फेस के लिए छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, विष्णु देव साय, रेणुका सिंह, गोमती साय, ओपी चौधरी के नामों पर चर्चा हो रही है। जिस तरह भाजपा की नीति रही है, कुछ दूसरे बड़े नाम भी हो सकते हैं। इस पर फैसला जल्द ही होने वाला है।
राजस्थान में इन्हें मिली पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी
राजस्थान के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री की कुर्सी किन-किन नेताओं को मिलेगी, बीजेपी इन्हीं पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर तय करेगी। सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में बीजेपी विधायक दल की बैठक 10 दिसंबर को बुलाई गई है. ये बैठक दिल्ली से भेजे गए पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में होगी। सीएम के नाम पर सस्पेंस 10 दिसंबर तक समाप्त होने की उम्मीद है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक ‘तीनों राज्यों के लिए पर्यवेक्षक नवनिर्वाचित विधायकों की बैठकों के लिए संबंधित राज्यों की यात्रा करेंगे, जहां भविष्य के मुख्यमंत्रियों के नाम घोषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पसंद पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है और पार्टी तीनों मुख्यमंत्रियों को चुनने में सामाजिक, क्षेत्रीय, शासन और संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखेगी।















