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प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी 27 जनवरी को जांएगें बिहार के बेतिया जनसभा में वह पहले 13 जनवरी को जाने वाले थे रामलाला के प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर हुआ कार्यक्रम में बदलाव।

उमाकांत त्रिपाठी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जनवरी को एक दिन के लिए बिहार के बेतिया जाएंगे। पीएम बेतिया के सुगौली में जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही बिहार में केंद्र की कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
इससे पहले मोदी 13 जनवरी को बेतिया जाने वाले थे। हालांकि, अयोध्या के राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर उनके कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। बिहार के CM नीतीश कुमार के बीजेपी से अलग होने के बाद PM मोदी का लगभग डेढ़ साल बाद यह पहला बिहार दौरा होगा।
13 जनवरी को मोदी बिहार के बेतिया से 2024 के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बताया था कि PM चंपारण के बेतिया में रैली करेंगे। वे रमन मैदान में एक जनसभा को संबोधित करने वाले थे। फिर PM मोदी के झारखंड के धनबाद जाने का कार्यक्रम था।

बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। 2014 लोकसभा चुनाव के बाद यह पहली बार होगा, जब भाजपा अपने सबसे पुराने सहयोगी JDU के बिना चुनावी मैदान में उतरेगी। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में NDA को 39 सीटों पर जीत मिली थी। तब नीतीश कुमार की JDU भाजपा के साथ थी।
नीतीश के NDA से अलग होने के बाद भाजपा के पास 17 और JDU के पास 16 सीटें हैं। इसके अलावा भाजपा की सहयोगी लोजपा के पास 6 सीटें हैं। एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। RJD के पास एक भी सीट नहीं है।

I.N.D.I.A के सामने सीट शेयरिंग का मुद्दा
लोकसभा चुनाव में भाजपा का सामना करने के लिए बने I.N.D.I.A के सामने चुनावी अभियान शुरू करने से पहले 28 दलों के बीच सीट शेयरिंग भी बड़ी चुनौती है। इसी महीने गठबंधन की पांचवीं बैठक होनी है, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस गठबंधन वाले 9 राज्यों की 85 सीटें I.N.D.I.A ब्लॉक से मांगेगी। वहीं, टीएमसी बंगाल और आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। उद्धव गुट की शिवसेना नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र की 48 में से 23 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात की है।

कांग्रेस भारत जोड़ो न्याय यात्रा करेगी
चुनाव से करीब 4 महीने पहले कांग्रेस 14 जनवरी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करने जा रही है। यह यात्रा मणिपुर से शुरू होकर 14 राज्य और 85 जिलों को कवर करते हुए 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी। यात्रा का मकसद चुनाव से पहले आम लोगों तक पहुंचना है। इससे पहले राहुल गांधी ने 7 सितंबर 2022 से 30 जनवरी 2023 तक भारत जोड़ो यात्रा की थी। 145 दिनों की यात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू होकर जम्मू-कश्मीर में खत्म हुई थी।
कांग्रेस ने 6 जनवरी को मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, नगालैंड और मणिपुर शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी ने सेंट्रल वॉर रूम और प्रचार समिति का गठन कर दिया।

150 नए प्रत्याशी उतारेगी भाजपा
लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी में जुटी भाजपा एक साथ कई फॉर्मूलों पर काम कर रही है। पार्टी में मौजूदा सांसदों के टिकट काटने से लेकर नए चेहरों को मौका देने तक पर मंथन जारी है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आजादी के 100वें साल तक संसद में युवा प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए काम कर रही है। चुनाव में भाजपा 150 नए प्रत्याशी उतार सकती है। इनमें 41 से 55 साल की उम्र के प्रत्याशियों की संख्या ज्यादा होगी।
भाजपा के एक महासचिव ने कहा कि पहली लोकसभा में 26% सदस्यों की उम्र 40 से कम थी। बाद में संसद में युवा प्रतिनिधित्व कम होता गया। लोकसभा में तीन से 11 बार तक चुनाव जीतने वाले सांसदों की संख्या बढ़ती गई। इसे देखते हुए पार्टी दो या इससे अधिक बार लोकसभा चुनाव जीत चुके नेताओं में से ज्यादातर को संगठन की जिम्मेदारी देने जा रही है।
इसके अलावा अपवाद को छोड़कर किसी को राज्यसभा दो बार से ज्यादा नहीं भेजा जाएगा। 80% ऐसे लोगों को मौका मिलेगा जो कानून, चिकित्सा, विज्ञान, कला, आर्थिक मामले, तकनीक, पर्यावरण और भाषा के जानकार हों। दस सीट पर चुनाव हुए तो 2 ही ऐसे प्रत्याशी होंगे जो जातीय समीकरण या संगठन में योगदान के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।

युवा आबादी का प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहते हैं पीएम मोदी
देश में 65% से ज्यादा युवा हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहते हैं। अगर एक शख्स को लगातार लोकसभा का टिकट मिलता है तो उसके साथी कार्यकर्ता चुनावी राजनीति से बाहर हो जाते हैं। इसलिए कुछ खास मौकों को छोड़कर किसी एक कार्यकर्ता को 2-3 बार से ज्यादा लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं दिया जाए। इससे नए लोगों को मौका मिलेगा।

लोकसभा में औसत उम्र 54 साल, 25-40 वालों को दोबारा टिकट
मौजूदा लोकसभा में सांसदों की औसत आयु 54 साल है। भाजपा के 25 से 55 साल की उम्र वाले सांसदों का प्रतिनिधित्व 53% है। भाजपा 56 से 70 वर्ष के ज्यादातर सांसदों की जगह 41-55 आयु वर्ग वालों को लड़ाने की तैयारी कर रही है। 25-40 आयु वर्ग वालों को दोबारा टिकट दिया जाएगा। ऐसे में 150 नए चेहरों को चुनाव में उतारा जाएगा।

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