उमाकांत त्रिपाठी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सूत्रों ने दावा किया है कि CM जगन ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा है। जगन इस मामले पर पहले भी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के साथ कई बार बैठकें कर चुके हैं। 2019 में जगन के मेनिफेस्टो में भी यह शामिल था। इसी आधार पर उन्हें जीत भी मिली थी। दरअसल, आंध्र में कांग्रेस ने जगन की बहन को ही प्रदेश अध्यक्ष की कमान दे दी है। इसके अलावा भाजपा और TDP के बीच गठबंधन की संभावना भी बन रही है। राज्य में 2024 लोकसभा के साथ इसी साल विधानसभा के भी चुनाव होने वाले हैं।
कई मांगों पर की चर्चा
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आंध्र के CM ने संसद परिसर में प्रधानमंत्री से मुलाकात की और राज्य को विशेष राज्य का दर्जा समेत लंबित परियोजनाओं और मांगों पर चर्चा की। दरअसल, विशेष श्रेणी का दर्जा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों में से एक है। इसके ही कारण जून 2014 में तेलंगाना का गठन हुआ था। जगन का दिल्ली दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में लोकसभा-विधानसभा चुनाव के लिए BJP के साथ संभावित गठबंधन की चर्चा सुर्खियों में है। इस पर बातचीत के लिए चंद्रबाबू शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से कुछ दिनों पहले मुलाकत कर चुके हैं।
क्या है विशेष राज्य का दर्जा
कुछ राज्यों को केंद्र सरकार विकास के लिए विशेष श्रेणी में रखती है। इसलिए इन्हें विशेष दर्जा प्राप्त राज्य कहा जाता है। हालांकि भारत के संविधान में विशेष राज्य का दर्जा देने का प्रावधान नहीं है। पहली बार 1969 में पांचवें वित्त आयोग की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने असम, नगालैंड और जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया था।














