उमाकांत त्रिपाठी। बिहार के आरा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राजकुमार सिंह के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर आरा से भाकपा (माले) जीत गया तो नक्सलवाद फिर आ जाएगा। लेफ्ट वाले केवल बंदूक की भाषा समझते हैं। आपके पास दो विकल्प हैं, एक तरफ जंगलराज वाले भ्रष्टाचारियों का गठबंधन हैं और दूसरी तरफ पारदर्शिता से गरीब कल्याण करने वाली मोदी सरकार है। इसके अलावा उन्होंने ये बताया कि कैसे मुस्लिमों के आरक्षण को वो पिछड़ा-अति पिछड़ा को देंगे। बिहार की चुनावी रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित ने कहा कि कांग्रेस, लालू यादव और ममता बनर्जी पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर डाका डालना चाहते हैं। जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, दलित, आदिवासी और पिछड़ा-अति पिछड़े के आरक्षण को कोई हाथ नहीं लगा सकता। ये मुस्लिम आरक्षण करना चाहते हैं। आप 400 पार करा दो। मुस्लिम आरक्षण रद्द करके पिछड़ा-अति पिछड़ा को देने का काम भाजपा करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख ने न तो पिछड़े वर्गों और न ही ‘यादव’ समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए कोई काम किया।
इन्हें जिताया तो वापस आएगा जंगलराज
अमित शाह ने आरा संसदीय क्षेत्र से अपनी पार्टी के उम्मीदवार आरके सिंह के पक्ष में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘अगर ‘घमंडिया’ गठबंधन का हिस्सा राजद जीतती है तो बिहार में जंगलराज की वापसी होगी। लोग बिहार में जंगलराज, गैंगवार या अपहरण उद्योग की वापसी नहीं चाहते। लालू प्रसाद ने न तो पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए काम किया, न ही अपनी जाति (यादव समुदाय) के लोगों के लिए। यादव समुदाय के लोग गलत धारणा रखते हैं कि लालू उनके लिए (कोई विकास का) काम करेंगे।’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘लालू जी ने अपने दो बेटों को मंत्री बनाया, एक बेटी को राज्यसभा भेजा और दूसरी बेटी लोकसभा का चुनाव लड़ रही है, अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाया… वो अपनी जाति के लोगों के कल्याण के बारे में नहीं सोच सकते।’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस और राजद अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को छीनकर इसे मुसलमानों को देने की कोशिश कर रहे हैं।
ये आए तो सिर्फ लूट ही करेंगे
मोदी जी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ऐसा नहीं होने देगा। कांग्रेस के अलावा लालू और ममता सभी ओबीसी के आरक्षण-विरोधी हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में कई समुदायों को दिया गया ओबीसी का दर्जा रद्द कर दिया। वे पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं।’ हा है. ये एनडीए की स्थिर सरकार को हटाना चाहते हैं, लेकिन इनका (इंडी अलायंस) सरकार चलाने का फॉर्मूला ‘हर साल एक नए पीएम’ का है. ये चाहते हैं कि भानुमति का कुनबा जोड़ने वालों को लूट का बराबर मौका मिले. क्या आपको यह मंजूर है?’














