उमाकांत त्रिपाठी। लोकसभा चुनाव को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने बांग्लादेशी मूल के अल्पसंख्यक समुदाय पर हमला बोला. सरमा ने कहा कि इस समुदाय के लोगों को मोदी सरकार से घर, शौचालय, सड़क, सरकारी नौकरी, राशन और प्रति माह 1250 रुपये मिला लेकिन इस समुदाय ने कांग्रेस को वोट दिया क्योंकि इन्हें तुष्टिकरण चाहिए.
सीएम सरमा बोले
सीएम सरमा ने कहा कि उनका उद्देश्य विकास नहीं बल्कि मोदी को हटाना और अपने समुदाय का दबदबा कायम रखना था. शनिवार को गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान सरमा ने कहा कि यह असम का एकमात्र समुदाय है जो सांप्रदायिकता में लिप्त है. इससे साबित होता है कि हिंदू सांप्रदायिकता में लिप्त नहीं हैं. अगर असम में कोई सांप्रदायिकता में लिप्त है तो वह केवल एक ही समुदाय है.
एक विशेष समुदाय के लोग हैं जिन्हें मोदी सरकार से घर, शौचालय, सड़क, सरकारी नौकरी, राशन और प्रति माह ₹1250 मिला।लेकिन इस समुदाय ने कांग्रेस को वोट दिया।
क्योंकि इन्हें तुष्टिकरण चाहिए। उनका उद्देश्य विकास नहीं बल्कि मोदी को हटाना और अपने समुदाय का दबदबा क़ायम रखना था।
असम में NDA ने जीती 11 सीट
असम में NDA ने 14 में से 11 सीटों पर जीत हासिल की जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को केवल तीन सीटें मिलीं. अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो एनडीए को 47 प्रतिशत वोट मिले जबकि इंडिया गठबंधन ने 39 प्रतिशत वोट हासिल किए.
CM सरमा ने कहा कि अगर हम कांग्रेस के 39 फीसदी वोट का विश्लेषण करें तो यह पूरे राज्य से नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि इसका 50 प्रतिशत हिस्सा 21 विधानसभा क्षेत्रों में से मिला है, जो अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र हैं. इन क्षेत्रों में बीजेपी को तीन प्रतिशत वोट मिले.
CM सरमा बोले
असम के मुख्यमंत्री सरमा ने हाल ही में कांग्रेस पर हमला बोला था. रॉबर्ट वाड्रा के राजनीति में आने के सवाल पर सरमा ने कहा कि तीन गांधी पहले ही लॉन्च हो चुके हैं. मैं तो चाहता हूं कि रॉबर्ट वाड्रा और उनके बच्चे भी जल्द राजनीति में आ जाएं.














