उमाकांत त्रिपाठी। देश में एक बार फिर सेंगोल पर सियासत शुरू हो गई है। गुरुवार को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सेंगोल को लेकर पीएम मोदी पर तंज कसा। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि जब पहली बार सेंगोल लगा था, तो प्रधानमंत्री ने इसे प्रणाम किया था। लेकिन इस बार शपथ के दौरान प्रणाम करना भूल गए, इसी को याद दिलाने के लिए हमारे सांसद ने ये बयान दिया।
अखिलेश के बयान पर भड़की बीजेपी
अखिलेश के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी का जवाब आया है। अनुप्रिया ने पूछा- जब संसद में सेंगोल स्थापित हुआ, तब सपा सांसद कहां थे? बुधवार को मोहनलालगंज से सपा सांसद आरके चौधरी ने संसद से सेंगोल हटाने की मांग की थी। उन्होंने स्पीकर को लेटर लिखकर कहा था कि सेंगोल राजदंड, राजतंत्र का प्रतीक है। संसद लोकतंत्र का मंदिर है। किसी राज-रजवाड़े का महल नहीं। इसलिए, संसद से सेंगोल हटाकर संविधान की विशाल प्रति लगवानी चाहिए। सेंगोल पर सपा सांसद आरके चौधरी के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, उन्होंने क्या सोच रखा है कि रोज कुछ ऐसी सेंसेशनल बात बोलनी है कि हम चर्चा में आ जाएं। इन बातों का कोई अर्थ नहीं है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अखिलेश का निशाना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर अखिलेश ने कहा, ये सरकार का भाषण था। सरकार ये दावा करती है कि हम दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था हैं। तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे, तो किसान क्यों दुखी है? किसान क्यों संकट में है। जिस तरह से दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था बनने की कहानी बताई जा रही, तो क्या हमारा किसान भी उसी तरीके से खुशहाल हो गया है? अगर हम 5वें नंबर पर हैं तो हमारे युवा बेरोजगार क्यों हैं? अग्निवीर जैसी व्यवस्था क्यों आधी अधूरी लागू करनी पड़ रही है? इतनी महंगाई क्यों हैं?
बीजेपी वालों ने कुछ नहीं किया
सपा प्रमुख ने कहा, जिस तरह से इन्वेस्टमेंट को लेकर बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे। सरकार कहती है कि हम सर्विस सेक्टर और इन्वेस्टमेंट को भी देख रहे हैं तो इन्वेस्टमेंट कहां है? कुछ लोगों के ग्रोथ से देश की ग्रोथ नहीं हो सकती है। कुछ लोगों की ग्रोथ से हमारा नंबर अच्छा हो सकता है, लेकिन हमारे किसान-गरीब के लिए सरकार के पास क्या है? राष्ट्रपति के अभिभाषण में इमरजेंसी के जिक्र पर अखिलेश ने कहा, भाजपा के लोगों आपातकाल में जेल गए लोगों के साथ क्या किया है? सपा सरकार ने तो उन्हें वेतन दिया, सम्मान दिया, सुविधाएं दीं। लेकिन भाजपा वालों ने कुछ नहीं किया। अगर ये सम्मान करते तो बात करते, तब अच्छा होता।













