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छत्तीसगढ़ के पंचायत सचिवों को मिलेगी सरकारी नौकरी, विष्णुदेव सरकार ने किया समिति का गठन

उमाकांत त्रिपाठी।छत्तीसगढ़ के पंचायत सचिवों की नौकरी सरकारी होने जा रही है। पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को लेकर सरकार ने समिति का गठन किया है। प्रदेश के पंचायत विभाग के सचिव को समिति का प्रमुख बनाया गया है। यह समिति 30 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। प्रदेश में करीब 6000 पंचायत सचिव हैं।

हालांकि 7 जुलाई को पंचायत दिवस के दिन रायपुर में मुख्यमंत्री ने पंचायत सचिवों से उनके सरकारीकरण का वादा किया था। तब मुख्यमंत्री प्रदेश पंचायत सचिव संघ, छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए थे।

57 दिन हड़ताल पर थे सचिव
पंचायत सचिव सरकारीकरण किए जाने की मांग लेकर पिछले साल हड़ताल पर थे। करीब 57 दिनों तक चली हड़ताल में गांव के पंचायत दफ्तरों में होने वाले काम-काज ठप थे। चुनावी महीने में भाजपा ने इन सभी से वादा किया था कि सरकार बनेगी तो इनके शासकीयकरण पर काम होगा।
अब सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राजेश सिंह राणा को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राणा के साथ इस समिति में संचालक, पंचायत संचालनालय प्रियंका ऋषि महोबिया सदस्य बनाई गई हैं। साथ ही सचिव और वित्त नियंत्रक, विकास आयुक्त कार्यालय मो. यूनूस को भी सदस्य बनाया गया है।

जानें कौन होता है पंचायत सचिव?
ग्राम पंचायत सचिव गांव के विकास कार्यों के प्रस्ताव, रोजाना होने वाले कामों का लेखा-जोखा रखता है। साथ ही लिपिकीय (क्लर्क) कार्यों और फंड का हिसाब रखता है। पंचायत सचिव को पंचायत कार्यालय का प्रभारी भी कहा जाता है। वो ग्रामीणों के बीच सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का भी काम करता है।
गांव में योजनाओं के आवेदन भरवाना, गांव में आम आदमी की समस्या सुनने और सुविधाओं को लेकर सचिव काम करता है। सचिव को जिला कलेक्टर ऑफिस और गांव के बीच की कड़ी कहा जा सकता है। मशहूर वेब सीरीज पंचायत में भी एक पंचायत सचिव का किरदार दिखाया गया है।
सचिव दिवस के दिन कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े

सीएम साय बोले
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा था कि, मैंने 5 साल पंच और निर्विरोध सरपंच रहकर जनता की सेवा की है। देश का विकास पंचायतों के विकास से ही संभव है। केंद्र या राज्य सरकार की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायतों के माध्यम से ही होता है। सरपंच और सचिव के हाथों में ग्राम के विकास की चाबी होती है। सभी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सचिवों के माध्यम से ही होता है। उन्होंने सचिवों की प्रशंसा करते हुए उनसे और भी अच्छा काम करने का संकल्प लेने की अपील की।

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