खबर टीम इंडिया की।केरल के वायनाड में तेज बारिश के बाद लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या 175 हो गई हैं। और 131 लोग अस्पताल में हैं, हालांकि 220 लोंगो के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
लैंडस्लाइड में सोमवार देर रात 2 बजे और 4 बजे के करीब मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में तेज बारिश हुई थीं। इनमें घर, पुल, सड़कें और गाड़ियां बह गईं।
आज वायनाड के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी हुआ
आर्मी, एयरफोर्स, NDRF, SDRF, पुलिस और डॉग स्क्वॉड की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। देर रात तक 1 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया, 3 हजार लोगों को रिहैब सेंटर में भेजा गया ।
मौसम विभाग ने वायनाड के अलावा मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन में आज परेशानी हो सकती है।
आइए जानते है आज के अपडेट्स…
आर्मी सेना ने दो रिसॉर्ट से 19 टूरिस्ट की जान बचायी
सेना ने मुंडक्कई गांव के बाहर स्थित इला रिसॉर्ट और वाना रानी रिसॉर्ट में फंसे 19 टूरिस्ट को बाहर निकाला। ये लोग घटना के बाद से यहीं फंसे हुए थे। डिफेंस PRO केअनुसार , 122 इन्फैंट्री बटालियन (TA) मद्रास के जवानों ने रस्सियों के सहारे से सभी नागरिकों को चूरलमाला तक सुरक्षित निकालने के लिए एक मानव पुल बनाया गया।
हादसे के बाद स्कूल-कॉलेजों की हुई छुट्टी
हादसे के बाद राज्य में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। 12 जिलों में 30 जुलाई को स्कूल-कॉलेज में छुट्टी घोषित कर दी गई। केरल यूनिवर्सिटी ने 30 और 31 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा।
वायनाड जा रहीं हेल्थ मिनिस्टर एक्सीडेंट में हुई घायल
लैंडस्लाइड की घटना का जायजा लेने वायनाड जा रहीं केरल की हेल्थ मिनिस्टर वीना जॉर्ज बुधवार (31 जुलाई) को सुबह करीब साढ़े 7 बजे एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गईं। उन्हें मलप्पुरम स्थित मंजेरी के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना एक स्कूटर सवार को बचाने के चलते हुई।
राहुल और प्रियंका गांधी ने वायनाड दौरे को रद्द किया
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से वायनाड दौरा रद्द कर दिया है। राहुल ने आज कांग्रेस सांसदों के साथ संसद के सेंट्रल हॉल में वायनाड में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति दो मिनट का मौन रखा।
आइए जानते है पिछले 24 घंटे के डेवलपमेंट्स 5 अहम पॉइंट्स में…
1. मुंडक्कई गांव में सबसे ज्यादा नुकसान, यहां 250 लोग फंसे
वायनाड का मुंडक्कई गांव लैंडस्लाइड की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां चूरलमाला को मुंडक्कई से जोड़ने वाला पुल बह गया है, जिससे क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। मुंडक्कई में करीब 250 लोगों के फंसे होने की खबर है। यहां कई घर बह गए हैं, जिनमें 65 परिवार रहते थे।पास के एक टी एस्टेट के 35 कर्मचारी भी लापता हैं। कोझिकोड जिले के सभी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, सभी ग्रेनाइट खदानों को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए कहा गया है।
2. इन्हीं इलाकों में 5 साल पहले लैंडस्लाइड से 17 मौतें हुईं
वायनाड के 4 गांव- मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा में लैंडस्लाइड की घटना हुई है। 5 साल पहले 2019 में भी भारी बारिश की वजह से इन्हीं गांवों में लैंडस्लाइड हुई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। 5 लोगों का आज तक पता नहीं चला। 52 घर तबाह हुए थे।
3. चूरलमाला गांव से दो विदेशी नागरिकों को बचाया गया
जिला पंचायत अध्यक्ष समशाद मरईक्कर ने बताया कि मुंडक्कई सड़क मार्ग से पहुंचा नहीं जा सकता है। मोबाइल नेटवर्क भी ठप है। चूरलमाला गांव में भी नुकसान ज्यादा है। यहां रेस्क्यू जारी है। यहां कई घर बह गए हैं। कई लोगों को बचाया गया है, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ये एक होमस्टे में रुके थे। यहां रेस्क्यू टीम एक-एक घरों की जांच कर रही है।
4. कंट्रोल रूम बनाया गया, हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए
वायनाड लैंडस्लाइड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कंट्रोल रूम बना दिया है। साथ ही दो हेल्पलाइन नंबर 8086010833 और 9656938689 जारी किए। केरल के स्वास्थ्य मंत्री ऑफिस ने बताया है कि वायनाड के चूरलमाला में घायलों का इलाज करने के लिए एक मस्जिद और मदरसे में टेम्परेरी हॉस्पिटल बनाया गया है।
5. केंद्र ने मुआवजा देने की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल सरकार को केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही मरने वालों के परिजन को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वायनाड की घटना पर सरकार से हर संभव मदद पहुंचाने की अपील की है।
जानें वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या है वजह
वायनाड केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका है । जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड से प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पहाड़ी ढलाने हैं। और यहां पर लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है।














